जानिए आजकल किस कोर्स में बढ़ रहा हैं गर्ल्स का रुझान

आइआइटी और एनआइटी में बढ़ा गल्र्स का रुझान, सेकंड मॉक अलॉटमेंट के रिजल्ट में दिखाई दिया रुझान।

By: Priyanka Yadav

Published: 25 Jun 2018, 01:25 PM IST

जयपुर. एचआरडी मिनिस्ट्री के केन्द्रीय इंजीनियरिंग संस्थानों में गल्र्स का रेशो बढ़ाने की कवायद रंग लेती नजर आ रही है। इस बार जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) की ओर से घोषित किए गए और इसमें मॉक सीट अलॉटमेंट-2 के परिणाम में गल्र्स का बढ़ता रुझान नजर आ रहा है और बताया गया है कि आइआइटीज में जहां 15 प्रतिशत वहीं एनआइटीज में 18 प्रतिशत से ज्यादा गल्र्स का रुझान दिखाई दे रहा है और इस बार आइआइटी और एनआइटी में बढ़ा रहा हैं गल्र्स का रुझान और सेकंड मॉक अलॉटमेंट के रिजल्ट में ही दिखाई दिया रुझान और 27 को फस्र्ट राउंड का अलॉटमेंट। एेसा पहली बार है जब इतनी संख्या में गल्र्स का इंट्रस्ट इंजीनियरिंग की ओर दिखाई दे रहा है और सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड (सीसेब) के कॉर्डिनेटर प्रो.अवधेश भारद्वाज का कहना है कि फस्र्ट राउंड का अलॉटमेंट 28 जून को जारी होगा। इससे सीटों की स्थिति साफ होगी। इस बार स्टूडेंट्स ने अभी तक चॉइस लॉक नहीं की हैं और फस्र्ट राउंड का रिजल्ट जारी होने के बाद 28 जून से 2 जुलाई तक रिपोर्टिंग कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि गल्र्स कोटा फिल करने के लिए आइआइटीज, एनआइटीज समेत अन्य केन्द्रीय इंजीनियरिंग संस्थानों की सीटें पहले गल्र्स कोटा से भरी जा रही हैं।

 

बढ़ेंगे काउंटर

एमएनआइटी रिपोर्टिंग सेंटर पर इस बार वेरिफाइंग ऑफिसर्स के काउंटर की संख्या बढ़ाई गई है और रिपोर्टिंग सेंटर इंचार्ज प्रो.संजय माथुर ने बताया कि स्टूडेंट्स को समय कम लगे, इसके लिए यह कवायद की जा रही है। फस्र्ट और सेकंड राउंड के लिए 8-10 काउंटर और दो एक्स्ट्रा रूम तैयार कर रहे हैं। छह से आठ हैल्प डेस्क से स्टूडेंट्स को सेट कम्प्लीट करने में मदद मिलेगी। वेरिफाइंग ऑफिसर के पास सिर्फ वही स्टूडेंट पहुंचेेंगे जिनका सेट कम्प्लीट होगा और इससे स्टूडेंट्स को भी लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले वेरिफाइंग ऑफिसर के काउंटर कम होते थे।

Priyanka Yadav
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