घटनाओं से सबक लें, सतर्कता बरतें, झांसे में न आएं

घटनाओं से सबक लें, सतर्कता बरतें, झांसे में न आएं

Priyanka Yadav | Publish: May, 18 2018 03:07:05 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

बैंक से हमें कोई डेबिट या क्रेडिट कार्ड मिल रहे हैं तो हमें उनके प्रयोग करने के बारे में जो नियम व निर्देश हैं उनको पढ़ना चाहिए

जयपुर . कभी क्रेडिट कार्ड का पिन नम्बर पूछकर या कभी डेबिट कार्ड को आधार कार्ड से लिकं करने का झांसा देकर अक्सर घरों पर फोन कर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। निरक्षर ही नहीं पढ़ी-लिखी महिलाएं भी सामने वाले की बातों में आ जाती हैं। यदा-कदा लच्छेदार बातों की ऐसी चाश्नी चटाई जाती है कि बैंक का अकाउंट नम्बर तक बेहिचक बता दिया जाता है। ठगी के आरोपियों के कहे अनुसार ओटीपी तक सहजता से उनको परोस पेश कर दिया जाता है। झटका तब लगता है जब एसएमएस पर लाखों निकलने की सूचना आती है। कुछ ऐसा ही आए दिन देखने-पढऩे को मिल रहा है। इसके बावजूद हालात जस के तस हैं। कभी लालच, कभी अनदेखी, कभी लापरवाही लेकिन भारी पड़ती है सब पर। इसी मुद्दे को लेकर वैशाली नगर एरिया मे हमने महिलाओं से बात की।

करिश्मा शर्मा, सिरसी रोड ने कहा कि जागरूकता का अभाव और किसी पर तुरंत विश्वास कर लेना ही ठगी का शिकार होने के पीछे का मूल कारण है। अगर बैंक से हमें कोई डेबिट या क्रेडिट कार्ड मिल रहे हैं तो हम उनके प्रयोग करने के बारे में जो नियम व निर्देश हैं उनको भी पढ़ें। यह भी समझें कि कोई भी बैंक कभी भी फोन कर किसी ग्राहक से जानकारी नहीं मांगता इसलिए सावधान रहें। राह चलते किसी भी अनजान व्यक्ति पर हम यूं ही भरोसा कर लेते हैं और उसकी बातों में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं। हमें चौकस रहने की जरूरत है। ऐसे ठग महिलाओं को अपने जाल में इसलिए फंसाते हैं क्योंकि महिलाएं आसानी से इनकी बातों में आ जाती हैं और इनके कहे पर विश्वास कर लेती हंै।
करिश्मा शर्मा, सिरसी रोड

नीलकमल, कालवाड़ रोड ने कहा कि भले ही हम 21वीं सदी में पहुंच गई हो, महिलाओं के शिक्षित होने के दावे किए जा रहे हों लेकिन कुछ महिलाएं अब भी अंध-विश्वास में पड़कर तंत्र-मंत्र और जादू-टोनों में विश्वास करती हंै। इसके लिए वे अपनी समस्याओं का समाधान ढूढ़ते हुए तांत्रिक बाबाओं के चक्कर में पड़ जाती हंै और ये बाबा इनका आर्थिक, मानसिक और शारीरिक तौर पर शोषण करते हैं। इसके बाद एक समय ऐसा आता है कि महिलाएं तथाकथित बाबाओं की गुलाम बनकर रह जाती हैं। बाबा जो हुकुम देता है उसे पूरा करने में वे जी-जान लगा देती है और इसी का फायदा उठा ऐसे ठग बाबा इनसे नकदी और जेवरात हड़प लेते हैं और भाग जाते हैं।

रुचिका, झोटवाड़ा ने कहा कि जो महिलाएं घर पर अकेली रहती हैं उनको ही ये ठग अपना शिकार बनाते हैं। कभी एटीएम का पास वर्ड पूछकर तो कभी क्रेडिट कार्ड का नंबर जानकर। इसलिए यदि किसी के पास भी ऐसा कोई फोन आए तो किसी भी सूरत में न तो एटीएम का पासवर्ड बताएं और न ही क्रेडिट कार्ड का नंबर। क्योंकि बताने के बाद कुछ ही मिनटों में खाते में से रकम निकल जाएगी या क्रेडिट कार्ड से खरीददारी हो जाएगी। इसके बाद छाती पीटने से कुछ भी नहीं होने वाला। यदि ऐसा कोई फोन आए तो तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए या अपने परिजनों को ये बात बतानी चाहिए। साथ ही इस बात की गांठ बांध लेनी चाहिए कि कोई कितना ही लालच दे किसी की भी बात में नहीं आना है।

वर्षा पारीक, झोटवाड़ा ने कहा कि महिलाएं सरल स्वभाव की होती हैं इसी कारण वे आसानी से ठगों के मायाजाल में आ जाती हैं। दूसरी बात ये है कि ठगी होने के पीछे लालच की भी अहम भूमिका होती है। क्योंकि यदि किसी महिला को लालच नहीं होगा तो वो न तो रुपए दुगुने करने वाले के झांसे में आएगी और न ही सोना दुगुने करने वाले की बातों में आएगी। अफसोस की बात तो ये है कि आधुनिक युग की महिलाएं पढी-लिखी हैं और विभिन्न समाचार माध्यमों पर वे इस तरह की खबरें भी पढ़ती हैं। फिर भी वे इन ठगों की बातों में आ सब कुछ इनको लुटा देती हंै। इसके लिए महिलाओं को सावचेत होने की जरूरत है। क्योंकि खुद की सावधानी से ही ऐसी वारदात पर अंकुश लगाया जा सकता है।
वर्षा पारीक, झोटवाड़ा

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