‘इनक्रेडिबल ट्रेजर्स’ में मिलेगी देश की विश्व धरोहरों की झलक

‘लीवरेजिंग हेरिटेज फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट ऑफ टूरिज्म’ पर वेबिनार

By: Rakhi Hajela

Published: 17 Apr 2021, 06:56 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India



जयपुर, 17 अप्रेल
यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल भारत की सभी 38 विश्व धरोहर स्थलों की झलक ‘इनक्रेडिबल ट्रेजर्स’ के नाम से पब्लिश होने वाली बुक में देखने को मिलेगी। बुक इसी साल जून में रिलीज की जाएगी। यह कहना है यूनेस्को नई दिल्ली कार्यालय के निदेशक एरिक फॉल्ट का। जो वल्र्ड हेरिटेज डे की पूर्व संध्या पर ‘लीवरेजिंग हेरिटेज फॉर सस्टेनेबल डवलपमेंट ऑफ टूरिज्म’ विषय पर आयोजित वेबिनार में बोल रहे थे। फिक्की राजस्थान स्टेट काउंसिल की ओर से आयोजित वेबिनार में उनका कहना था कि भारत के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में राजस्थान का यूनेस्को के साथ गहरा संबंध है] इसका कारण यह है कि दोनों विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। राजस्थान संस्कृति को स्थायी और निष्पक्ष तरीके से बढ़ावा देने में अग्रणी है। यूनेस्को वर्तमान में राजस्थान के साथ मिलकर कई कोलेबोरेशन्स पर कार्य करने में लगे हैं। उनका कहना था कि पर्यटन विभाग और यूनेस्को अमूर्त विरासतों को बढ़ावा देने और पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर जिलों में क्लचरल टूरिज्म के विकास के लिए साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। कोविड .19 के दौरान भी यह प्रोजेक्ट जारी रहा है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक केंद्र विकसित करना है जिससे कि कल्चर आधारित कम्यूनिटी टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके। यह कारीगरों के लिए गांवों में स्थिर आजीविका के लिए सक्षम वातावरण बनाने में भी मदद करेगा।
देश में विरासतों की भरमार
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा कि लोगों को ध्यान में रखते हुए विरासतों के संधारण और संरक्षण करने जरूरत है। पर्यटकों को एक स्मारक में बार.बार लाने के लिए लोगों के अनुभवों के लिए नवीनता लाने की आवश्यकता है। रैंप, रेलिंग, टॉयलेट की सुविधा, पूछताछ केंद्र, ब्रोशर आदि को अच्छे से डिजाइन करने की आवश्यकता है। राजस्थान फाउंडेशन के कमिश्नर धीरज श्रीवास्तव ने पर्यटन के अनुभवों से लाभ उठाने वाले और नेतृत्व करने वाले समुदायों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई। वहीं एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के एग्जिक्यूटिव निदेशक लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का कहना था कि देश में विरासतों की भरमार है, हमें इसके प्रति उदासीन होने से रोकने की आवश्यकता है।
टूरिज्म में ट्रिकल डाउन का प्रभाव
ट्रैवल राइटर यूके एलिन डोबी ने कहा कि कोविड ने टूरिज्म इंडस्ट्री को रुककर सोचने पर मजबूर किया है। टूरिज्म में ट्रिकल.डाउन प्रभाव काफी है। सरकार को उन उत्साही और इच्छुक लोगों को रोजगार देना चाहिए। पर्यटन विभाग की डॉ. पुनीता सिंह ने कहा नई पर्यटन नीति में हेरिटेज, क्राफ्ट और क्विज़ीन, ईकोटूरिज्म आदि के संरक्षण को शामिल किया गया है और संबंधित क्षेत्रों में काम शुरू हो चुका है। जयपुर विरासत फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी रीमा हूजा ने स्मारकों और विरासत स्थलों को संवेदनशील तरीके से संरक्षित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि स्मारकों के संरक्षण के लिए फंडिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। वेबिनार में फिक्की राजस्थान स्टेट, काउंसिल और मंडावा होटल्स के सीएमडी रणधीर विक्रम सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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