इंडो-चाइना : कांचीपुरम सिल्क की शॉल के जरिए चीन में 'चीनी' की तलाश

इंडो-चाइना : कांचीपुरम सिल्क की शॉल के जरिए चीन में 'चीनी' की तलाश
इंडो-चाइना : कांचीपुरम सिल्क की शॉल के जरिए चीन में 'चीनी' की तलाश

Sanjay Kaushik | Updated: 13 Oct 2019, 12:51:34 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जिनपिंग के भारत दौरे पर एक नजर (Xi Jinping Visit A Glimpse/Look)...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग(Xi Jinping) का मानना है कि संबंधों की सकारात्मक दिशा के कारण द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की संभावनाओं को मुकम्मल परवाज मिले हैं और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने(Close Ties) की दिशा में कदम उठाएंगे।


-चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के भारत दौरे पर एक नजर(Xi Jinping Visit A Glimpse/Look).

---भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को करेंगे और प्रगाढ़

-2020 भारत-चीन सांस्कृतिक और परस्पर संवाद वर्ष के तौर पर मनाने का फैसला

महाबलीपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग(Xi Jinping) का मानना है कि संबंधों की सकारात्मक दिशा के कारण द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की संभावनाओं को मुकम्मल परवाज मिले हैं और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने(Close Ties) की दिशा में कदम उठाएंगे। दोनों नेताओं मोदी ने वर्ष 2020 को भारत-चीन सांस्कृतिक और लोगों के बीच परस्पर संवाद वर्ष के तौर पर मनाने का फैसला किया। अगले वर्ष भारत-चीन के संबंधों के 70 वर्ष पूरा हो रहे हैं और दोनों नेताओं ने इस वर्ष को पूरी तरह से सभी स्तर के आदान-प्रदान के लिए उपयोग करने का फैसला लिया है। इसके तहस दोनों देशों की विधान सभाएं , राजनीतिक दलों, सांस्कृतिक, युवा संगठनों और सैन्य टुकडिय़ां संयुक्त रूप से कई कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी।

-समुद्री जहाज यात्रा सम्मेलन

सूत्रों के अनुसार दोनों देश के राजनयिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ का उत्सव मनाने के लिए समुद्री जहाज यात्रा सम्मेलन सहित 70 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ऐतिहासिक संपर्क के तहत तमिलनाडु तथा चीन के फुजियान प्रांत के बीच 'सिस्टर स्टेट रिलेशन्स' स्थापित करने और एक अकादमी स्थापित करके दोनों राज्यों के बीच शैक्षणिक संबंध तलाशने पर सहमत हुए हैं।

-जलवायु परिवर्तन और विकास की चुनौतियां

पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति ने जलवायु परिवर्तन और स्थायी विकास के लक्ष्यों को हासिल करने सहित वैश्विक विकास की चुनौतियों के समाधान के लिए अहम प्रयासों को रेखांकित किया।

-आतंक दुनिया के लिए साझा खतरा

दोनों ने वार्ता के दौरान आतंक को पूरी दुनिया के लिए साझा खतरा बताया और कहा कि विश्व की बड़ी ताकतें आतंकी समूहों के प्रशिक्षण, वित्त पोषण और समर्थन के खिलाफ ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों को जारी रखने के महत्व को भलीभांति समझती हैं।

-पर्यटक ई-वीजा में दी छूट

भारत ने चीनी नागरिकों के बहुप्रवेश पर पांच साल के लिए पर्यटक ई-वीजा देने की घोषणा की। यह घोषणा बीङ्क्षजग स्थित भारतीय मिशन ने की। पांच वर्ष के लिए पर्यटक ई-वीजा के लिए 80 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होगा।

-व्यापार घाटे को दूर करने को उच्चस्तरीय प्रणाली

दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद को बढ़ाने का संकल्प लेने के साथ द्विपक्षीय व्यापार घाटे को दूर करने के लिए एक उच्च स्तरीय संस्थागत प्रणाली बनाने पर सहमति जताई गई है।

-चेहरे की आकृति बना शॉल भेंट

पीएम मोदी ने जिनपिंग को उनके चेहरे की आकृति वाला एक कांचीपुरम सिल्क का शॉल भेंट किया। चीनी राष्ट्रपति ने पीएम को एक खास पेंङ्क्षटग भेंट की, जिसमें मोदी के चेहरे की आकृति बनी हुई है।

-कश्मीर पर चीन की चुप्पी, मोदी से इमरान दौरे की चर्चा

दोनों नेताओं के बीच कश्मीर मसले पर कोई चर्चा नहीं हुई। हालांकि जिनपिंग ने मोदी से पाक पीएम इमरान खान के हाल के चीन दौरे को लेकर चर्चा जरूर की।

-महाबलीपुरम से एक दिल्ली तो दूसरे काठमांडू रवाना

भारत-चीन अनौपचारिक शिखर वार्ता संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के लिए तो चीनी राष्ट्रपति जिनङ्क्षपग नेपाल के दौरे के लिए काठमांडू के लिए रवाना हो गए।

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