Bird Flu Alert : हर पोल्ट्री फार्म का रखना होगा रिकॉर्ड

बर्ड फ्लू को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर
पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया की अध्यक्षता में पोल्ट्री फार्म संचालकों के साथ वीसी
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सभी पोल्ट्रीफार्म की लेनी होगी रिपोर्ट
प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने कहा अलर्ट रहें
लेकिन बिना वजह पैनिक होने की जरूरत नहीं

By: Rakhi Hajela

Updated: 07 Jan 2021, 12:02 AM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

प्रदेश के सभी जिलों से पोल्ट्री फार्म का डेटा एकत्र किया जाएगा साथ ही सभी पोल्ट्री की प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार होगी। यह निर्णय बुधवार को पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया की अध्यक्षता में पोल्ट्री फार्म संचालकों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में लिया गया। वीसी में प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह प्रदेश की सभी 2500 पोल्ट्री फार्म का डेटा एकत्र करें और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सभी पोल्ट्री फार्म की रिपोर्ट लें। इस रिपोर्ट में पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की संख्या, प्रतिदिन की अंडा और चिकन सप्लाई की स्थिति की जानकारी देनी होगी। जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जा सके। उनका कहना था कि बर्ड फ्लू की संभावनाओं को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है लेकिन बिना वजह पैनिक होने की भी जरूरत नहीं है। इस दौरान पोल्ट्री फार्म संचालकों को बर्ड फ्लू के बारे में भी बताया गया। उन्हें बर्ड फ्लू के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी। पोल्ट्री फार्म संचालकों को निर्देश दिए कि यदि उनके फार्म पर मुर्गियों के बीमार या मृत होने की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी सूचना छिपाने के स्थान पर तुरंत पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दें जिससे इन मुर्गियों को सुरक्षित रूप से निस्तारण किया जा सके।
प्रदेश में अब तक पोल्ट्री में संक्रमण का कोई मामला नहीं
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में पोल्ट्री फार्म संचालकों का कहना था कि अभी तक प्रदेश की किसी भी पोल्ट्री में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। बैठक में जयपुर, अजमेर, गोविंदगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पोल्ट्री फार्म संचालक मौजूद रहे। पशुपालन विभाग की सचिव आरुषि मलिक और निदेशक पशुपालन डॉ.वीरेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। गौरतलब है कि प्रदेश में राजधानी जयपुर सहित तकरीबन 28 जिलों में कौओं सहित विभिन्न परिंदों के मृत मिलने के मामले सामने चुके हैं। वहीं तीन जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि भी हो चुकी है।
पीपीई किट पहनना अनिवार्य
मीणा ने कहा कि अगर कहीं से भी पक्षी की मौत की सूचना आती है तो उस जगह से सैंपल कलेक्ट करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए. पीपीई किट पहनकर ही सैंपल उठाए जाएं। बैठक के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों की तरफ से पीपीई किट की उपलब्धता का सवाल आया तो सभी जिलों में चिकित्सा विभाग के सीएमएचओ (CMHO) से पीपीई किट लेने को कहा गया । इसके लिए पहले ही मुफ्त पीपीई किट पशुपालन विभाग को मुहैया कराने को कहा है. इसके साथ ही बर्ड फ्लू 2015 गाइडलाइन की पालना की जाएगी।
सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम

पशुपालन मंत्री के निर्देश पर विभाग ने सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (Rapid Response Team) का गठन किया है. इस टीम में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग, वन विभाग के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद के अधिकारी इस टीम में शामिल हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम का गठन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को सभी जिला कलेक्टर इस मामले में अपने-अपने जिले में कोर ग्रुप की बैठक लेकर कलेक्टर पशुपालन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा करेंगे। सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वह मृत परिंदों के आंकड़े राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में भेजे

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