जयपुर एयरपोर्ट पर अब कोहरे में भी लैंड कर सकेंगे विमान, भर सकेंगे उड़ान

कोलाब्रेटिव डिसिशन मैकिंग तकनीक के जरिए हो रही विशेष निगरानी

 

By: SAVITA VYAS

Published: 06 Jan 2021, 01:10 PM IST

जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब घने कोहरे और खराब मौसम के चलते विमानों की उड़ान प्रभावित नहीं होगी। टेक ऑफ भी आसानी से हो सकेगा। इसके लिए यहां अत्याधुनिक कैट थ्री-बी तकनीक के साथ इंस्ट्ूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) का उपयोग शुरू होने जा रहा है। इस सिस्टम के जरिए खराब मौसम में भी विमानों की सफल लैंडिंग कराई जा सकेगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में सर्दी का असर लगातार हावी हो रहा है। मौसम भी पल-पल अलग रंग दिखा रहा है। तापमान में गिरावट, शीतलहर, बारिश व ओलावृष्टि के बाद अब घना कोहरा छाने से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। वाहन से लेकर रेल और हवाई मार्ग भी प्रभावित हो रहा है। सर्दी के मौसम में कोहरे के कारण उड़ानों का संचालन भी आम तौर पर अस्त-व्यस्त हो जाता है। बीते दस दिन की बात की जाए तो जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल्ली समेत विभिन्न जगहों की 20 से ज्यादा उड़ानों को जयपुर डायवर्ट किया गया। राजाधानी दिल्ली में इन दिनों कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। जयपुर में भी आज घना कोहरा छा रहा है। ऐसे में हवाईयात्रा प्रभावित न हो, इसके लिए जयपुर एयरपोर्ट प्रबंधन ने कोहरे से होने वाली परेशानी के मद्देनजर तैयारियां पूरी कर ली हैं। कोहरे के कारण उड़ानों का संचालन कम से कम प्रभावित हो, इसके लिए तकनीक की मदद ली जा रही है। वहीं लोगों को मौसम व उड़ानों की जानकारी मुहैया करवाई जा रही है।

इस तकनीक से मिलेगी मदद
जयपुर एयरपोर्ट के निदेशक जेएस बलहारा ने बताया कि कोलाब्रेटिव डिसिशन मैकिंग तकनीक के जरिए उड़ान संबंधी जानकारी एयरपोर्ट पर कार्यरत सभी विभागों के अधिकारी एक साथ देख सकेंगे। लिहाजा तुरंत निर्णय लेने से उड़ानों के संचालन में कम देरी होगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने, ट्राली की व्यवस्था के साथ ही उन्हें मदद करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही इंस्ट्ूमेंट लैंडिंग सिस्टम तकनीक से रनवे को लैस किया गया है। लिहाजा रनवे पर घना कोहरा होने की स्थिति में भी तकनीक की सहायता से उड़ानों का संचालन किया जा सकता है। हालांकि हल्की बारिश होने पर इसमें कभी-कभी परेशानी आती है। न्यूनतम 50 मीटर की दृश्यता में विमान उतर सकता है, जबकि 125 मीटर की दृश्यता में विमान को उड़ाया जा सकता है। टैक्सी बे और एयरक्राफ्ट स्टैंड पर बेहतर रोशनी की अलग व्यवस्था के साथ ही वहां अलग-अलग कर्मी तैनात हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरलाइन प्रबंधन की पहली प्राथमिकता यही रहती है कि खराब मौसम में भी उड़ानों का संचालन हो सके, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। एटीसी टॉवर भी कोहरे के दौरान उड़ानों के संचालन में बेहद मददगार साबित होगा।

यात्रियों की बढ़ रही आवाजाही
गौरतलब है कि जयपुर एयरपोर्ट पर वर्तमान समय में घरेलू उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। इससे वर्तमान में प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों की आने जाने की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। रोजाना लगभग 65 से अधिक उड़ानों से 6800 के करीब यात्रियों का आवागमन हो रहा है। इनमें रोजाना दो उड़ानों को कुछ कारणों से रद्द किया जा रहा है। आगामी दिनों में सांगानेर स्थित नए टर्मिनल को भी शुरू करने की योजना है, ताकि यहां से विदेशों के लिए उड़ानों का संचालन हो सके।

SAVITA VYAS Desk
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