एयरपोर्ट के भीतर चलने वाली बसों की टैक्स वसूली पर अंतरिम रोक

एयरपोर्ट के भीतर चलने वाली बसों की टैक्स वसूली पर अंतरिम रोक

एनआरआई सीट भरने के बाद शेष बचे तो प्रबंधन सीट, मेडिकल पीजी प्रवेश का मामला

By: KAMLESH AGARWAL

Published: 10 Jul 2020, 09:33 PM IST

जयपुर।

एयरपोर्ट के भीतर चलने वाली बसों पर परिवहन विभाग की ओर से टैक्स वसूली के आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। न्यायालय ने परिवहन सचिव, परिवहन आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एयरपोर्ट के भीतर बस संचालन करने वाली कंपनी ने कहा कि केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय ने वर्ष 1992 में एक अधिसूचना जारी कर एयरपोर्ट के अंदर चलने वाली बस, ट्रेक्टर आदि को कर छूट की श्रेणी में माना था। इसी वजह से इन वाहनों के पंजीकरण की जरुरत है और इन पर टैक्स भी नहीं लगाया जा सकता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर कानून में संशोधन कर दिया। सरकार ने याचिकाकर्ता की बसों पर कुल करीब ढ़ाई करोड का टैक्स वसूलने के आदेश जारी कर दिए। याचिका में कहा गया कि एक बस की कीमत करीब 25 लाख रुपए है, लेकिन परिवहन विभाग इस पर 73 लाख रुपए तक का टैक्स वसूलने की कार्रवाई कर रहा है। जबकि इन बसों का संचालन पूरी तरह से एयरपोर्ट के भीतर टर्मिनल से प्लेन तक यात्रियों एवं स्टॉफ को लाने और ले जाने में किया जाता है इस तरह से टैक्स वसूली पूरी तरह से गलत है। जिस पर न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सीके सोनगर की खंडपीठ ने टैक्स वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

एनआरआई सीट भरने के बाद शेष बचे तो प्रबंधन सीट, मेडिकल पीजी प्रवेश का मामला

राजस्थान उच्च न्यायालय ने कहा है मेडिकल पीजी प्रवेश के मामले में एनआरआई कोटे की सीट भरने के बाद शेष बची सीटों को प्रबंधन कोटे से भरा जा सकता है। इसी के साथ याचिकाकर्ता छात्रों को उनकी पसंद के विषय में एनआरआई कोटे से मेडिकल पीजी में प्रवेश के आदेश दिए हैं। डॉ निलय गुप्ता और अन्य ने याचिका दायर कर कहा कि पीजी काउंसलिंग में निजी मेडिकल कॉलेजों की एनआरआई सीटों को प्रबंधन कोटे में भरा जा रहा है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि एनआरआई कोटे से प्रवेश नहीं हो और सीटें खाली रहती है तभी प्रबंधन कोटे में प्रवेश दिया जा सकता है। जिस पर न्यायाधीश एसपी शर्मा ने याचिकाकर्ताओं को पंसद के विषय में प्रवेश देने के साथ ही प्रबंधन सीटों को एनआरआई में दिखाने के आदेश दिए है।

KAMLESH AGARWAL Desk
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