Investment: हर महीने 10 हजार का निवेश, 18 साल में 1.30 करोड़

अगर आप एक अच्छे निवेशक हैं तो आपको रेगुलर निवेश ( investment ) करते रहना चाहिए। आप चाहें तो सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) के जरिए इसे कर सकते हैं। लंबी अवधि में यही निवेश आपको करोड़पति बना सकता है। 18 सालों तक अगर आपने 10 हजार रुपए महीने का एसआईपी (SIP) किया होता तो अब तक आप का यह निवेश 1.30 करोड़ रुपए हो जाता है, जबकि आपका कुल निवेश 22 लाख रुपए का होता।

By: Narendra Kumar Solanki

Updated: 08 Apr 2021, 09:07 AM IST

मुंबई। अगर आप एक अच्छे निवेशक हैं तो आपको रेगुलर निवेश करते रहना चाहिए। आप चाहें तो सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए इसे कर सकते हैं। लंबी अवधि में यही निवेश आपको करोड़पति बना सकता है। 18 सालों तक अगर आपने 10 हजार रुपए महीने का एसआईपी किया होता तो अब तक आप का यह निवेश 1.30 करोड़ रुपए हो जाता है, जबकि आपका कुल निवेश 22 लाख रुपए का होता।
आंकड़े बताते हैं कि पांच अप्रेल के आधार पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी असेट फंड ने 1 साल में 61.6 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इसी समय में एचडीएफसी मल्टी असेट फंड ने 55 फीसदी और एक्सिस ट्रिपल एडवांटेज फंड ने 53 फीसदी का रिटर्न दिया है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी असेट फंड को 2002 में लॉन्च किया गया था।
आंकड़ों के मुताबिक, मल्टी असेट फंड 10 से 80 फीसदी तक हिस्सा इक्विटी में निवेश करते हैं, जबकि डेट में 10 से 35 और गोल्ड ईटीएफ में 10 से 35 और रिट तथा इनविट में 0 से 10 फीसदी निवेश करते हैं। इस तरह की रणनीति इसलिए बनाई जाती है, ताकि तमाम असेट क्लासेस में निवेश कर निवेशकों को फायदा पहुंचाया जाए। इसमें इक्विटी में निवेश से फायदा मिलता है और गोल्ड तथा अन्य के जरिए स्थिरता मिलती है।
इस कैटेगरी में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल टॉप प्रदर्शन करने वालों में से है। एक साल के आधार पर इस कैटेगरी ने 42.44 फीसदी का रिटर्न दिया है। 3 साल में आईसीआईसीआई मल्टी फंड ने 10.04 और 5 साल में 14.8 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि एचडीएफसी ने 5 साल में 9.82 और एक्सिस ट्रिपल ने 5 साल में 11 फीसदी का रिटर्न दिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के मल्टी असेट की बात करें तो स्थापना के समय यानी 2002 से इस स्कीम की नेट असेट वैल्यू (एनएवी) 34 गुना बढ़ी है। इस स्कीम ने कभी भी निगेटिव रिटर्न नहीं दिया है। यह स्कीम लॉर्ज, मिड और स्मॉल कैप में निवेश कर सकती है। यह स्कीम उस समय इक्विटी में निवेश को कम कर सकती है, जब इक्विटी का वैल्यूएशन महंगा होता है, जब वैल्यूएशन सस्ता होता है तो उसमें यह निवेश बढ़ा सकती है।
इक्विटी के महंगे होने पर यह स्कीम ऑयल, गोल्ड, चांदी जैसी कमोडिटी में अपना निवेश बढ़ा देती है, ताकि पोर्टफोलियो का रिटर्न अच्छा रहे। इस समय यह स्कीम इक्विटी में ज्यादा निवेश की है क्योंकि अर्थव्यवस्था में रिकवरी दिख रही है। 31 मार्च 2021 तक इसका इक्विटी में निवेश 77.7 फीसदी रहा है। यह इसकी अंतिम सीमा 80 फीसदी के करीब है। पिछले कुछ महीनों से यह पोर्टफोलियो वैल्यू थीम की ओर अपना झुकाव बनाए रखी है। आगे चलकर यह इसी तरह का पालन कर सकती है। इस स्कीम के चार प्रमुख सेक्टर्स में बैंक, पावर, टेलीकॉम और मेटल्स हैं।
भारतीय शेयर बाजार पिछले 1 साल में तेजी से बढ़ा है। यह इस समय दोगुने बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इस समय इक्विटी के वैल्यूएशन सस्ता नहीं है। आगे चलकर काफी कुछ अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, जिसमें महंगाई, ब्याज दरें, वैक्सीन का रोल आउट, वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसले आदि हैं। डेट की बात करें तो ब्याज दरें निकट समय में नीचे की ओर ही रह सकती हैं। ऐसे में डेट एक असेट क्लास के रूप में औसत रिटर्न दे सकता है।

Narendra Kumar Solanki Desk
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