विक्रम लैंडर के असफल होने की जांच करेगा इसरो!

इसरो के एक सेवानिवृत्त अधिकारी का कहना है कि संगठन यह जांच करेगा कि किस गलती के कारण चंद्रयान-2 मिशन में विक्रम लैंडर की लैंडिंग विफल हो गई। खासकर, जांच का केंद्र यह बात रहनी चाहिए कि विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से कुछ ही दूरी पर कैसे नियंत्रण खोकर क्रैश लैंडिंग की।

By: rajendra sharma

Published: 13 Sep 2019, 08:40 PM IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO ) विक्रम लैंडर ( Vikram Lander ) के विफल होने के कारणों की जांच करेगा। स्पेस एजेंसी इस बात का पता लगाने का प्रयत्न करेगी कि ऐसा क्या गलत हुआ और क्या ऐसा मान लिया गया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर भेजा गया चंद्रयान-2 मिशन ( Chandrayan-2 ) का लैंडर वहां उतर नहीं सका। इसरो के एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इससे पहले, 7 सितंबर को विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव ( South Pole ) की सतह पर सॉफ्ट लैंडिग करनी थी। इससे पहले की वह यह कर पाता उसने नियंत्रण खो दिया और वहां उसने क्रैश लैंडिग की।

सभी पहलुओं की जांच करनी होगी

सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा, "इसरो को प्राप्त डेटा से सभी पहलुओं की जांच करनी होगी। उन्हें इस बात का भी पता लगाना चाहिए कि ऐसा क्या हुआ था जो नहीं किया गया और उसके बिना ही परिणाम की कल्पना कर ली गई।"

उनके अनुसार, इसरो को देखना है कि लॉन्च से पहले किसी भी सिमुलेशन को क्या अनदेखा किया गया या फिर किसी ज्ञात विचलन पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा, "इसरो को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि विभिन्न विफलता पहलुओं की किस सीमा तक जांच की गई थी। इसरो को इसकी तह तक जाना होगा। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए इस प्रकार की जांच में काफी समय लगेगा।"

rajendra sharma Desk
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