एयरपोर्ट पर सोना तस्करों का बचना मुश्किल

कस्टम और डीआरआई अधिकारी आधुनिक तकनीक से हुए लैस

By: MOHIT SHARMA

Updated: 15 Oct 2021, 12:40 AM IST

मोहित शर्मा
जयपुर. सोना तस्करों का अब हवाई अड्डे से बचकर निकलना मुश्किल होगा। लॉकडाउन के दौरान देश के तमाम एयरपोर्ट आधुनिक तकनीक से लैस हो गए हैं। कस्टम, डीआरआई (डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू एंटिलीजेंस) और सीआईएसफ ने भी इस दौरान सोना तस्करों की बॉडी लैंग्वेज को तकनीक के साथ समझने का काम किया है। हालांकि कई मामलों में कस्टम और डीआरआई अधिकारियों की लापरवाही या अनदेखी के चलते भी सोना एयरपोर्ट से बाहर निकल जाता है। कस्टम अधिकारियों की मानें तो 90 फीसदी सोना तस्करी दुबई, शारजाह, मस्कट से आने वाले यात्रियो के मार्फत होती है। सोने पर भारी आयात शुल्क विदेशों से सोने की तस्करी का बड़ा कारण है।अधिकारी संदिग्धों को उनकी असहज बॉडी लैंग्वेज से पकड़ते हैं। घबराहट, चाल ढाल और उठने- बैठने में परेशानी से ये पकड़ में आ जाते हैं। रेक्टम (गुदा) में सोना छिपाकर लाने वाले यात्रियों को बैठने में परेशानी होती है। वह एक मुद्रा में ज्यादा देर बैठ नहीं सकते हैं। बार-बार आने जाने वाले यात्रियों पर भी नजर रखी जाती है। कई संदिग्ध तो मूवमेंट के आधार पर स्क्रीनिंग में ही पकड़े जाते हैं। सोने के साथ ही फॉरेन करेंसी,नारकोटिक्स ड्रग, इलेक्ट्रानिक्स, फेब्रिक्स, सिल्क और डायमंड की तस्करी भी बढ़ रही है।
कोरोना के कारण अभी विदेशों से फ्लाइट का आना जाना कम था, अब फ्लाइटस का संचालन पूरी तरह से होन से एक बार फिर तस्करी बढऩे की संभावना बनी हुई है।

मजदूर बनते हैं कैरियर
एयरपोर्ट पर पकड़े गए अधिकतर आरोपी पैसे के लालच में कैरियर बन जाते हैं। यह लोग दुबई, मस्कट, शारजहां आदि जगहों पर मजदूरी करते हैं। असली स्मगलर पकड़ में न आने के कारण भी स्मगलिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में पालतू जानवरों जैसे- डॉग्स, कैट्स का भी इस्तेमाल तस्करी में हो सकता है।

इस तरह होती है सोना तस्करी
सोना तस्कर रेक्टम में, पेस्ट फार्म में अंडर ग्रारमेंटस, सैनेटरी नेपकिन, स्केटिंग शूज, मोटर के आर्मेचर, मिस्कर ग्राइंडर, लॉक, बैट्री टार्चर, वायरलैस स्पीकर, रेडियो, वैक्यूम क्लीनर, कॉपी एण्ड स्पाइस ग्राइंडर, एग्जास्ट फैन, आदि में सोने को अलग अलग फार्म में छिपाकर लाते हैं।

सोना तस्करी के कुछ प्रमुख मामले
1. 14 अक्टूबर 2021 को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डेढ किलो सोना पकडा, जिसे शारजहां से अंडरगारमेंट में पेस्ट के रूप में छिपा कर लाए थे। जुलाई 2020 में जयपुर इंटरनेशलन एयरपोर्ट पर में 32 किलो सोना एक दिन में पकड़ा गया। 14 यात्रियों से यह सोना जब्त किया गया। सभी इमरजेंसी लाइट की बैटी में सोना छिपाकर लाए थे।
2. नवम्बर 2020 में चेन्नई एयरपोर्ट 4 लोगों के गिरफ्तार हुए। ये फेस मास्क के बीच सोने की परत पेस्ट करवाकर लाए थे। उनके पास से 98 लाख रुपए का 1.84 किलो सोना पकड़ा गया।
3. फरवरी 2021 में लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर 4 तस्करों के पास से तीन किलो सोना जब्त किया गया। ये सोने को पेस्ट बनाकर अंडरवियर की बेल्ट में छिपा कर दुबई से लाए थे।
4. इसी साल 29 अगस्त दुबई से अमृतसर एयरपोर्ट पर आया एक यात्री हैंडवॉश की दो बोतलों में लिक्विड फार्म में 600 ग्राम सोना लाया। बोतल का वजन अधिक होने से यात्री पकड़ा गया।

देशभर में कस्टम और डीआरआई की कार्रवाई (राशि करोड़ में)
धातु 2017—18 2018—19 2019—20
सोना 974 1264.36 1361.20
फॉरेन करेंसी 89.67 163.83 513.30
नारकोटिक्स ड्रग 266.9 484.30 4551.39
इलेक्ट्रानिक्स 25.48 करोड 58.86 19.50
फेब्रिक्स, सिल्क 524.58 करोड 121.84 165.53
डायमंड 11.39 28.94 223.58


मुखबिर का अहम रोल
हमारे लिए मुखबिर अहम होता है। मुखबिर के लिए कस्टम विभाग ने कैश रिवार्ड योजना भी रखी है। यदि किसी के पास कोई सूचना है तो वह हमें दे सकता है। नाम और पहचान गुप्त रखी जाती है।
- राहुल नांगरे, आयुक्त कस्टम, जयपुर

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