जाफर का अनुभव हमारे लिए तोहफा था : फैज फजल

एक खिलाड़ी कितना महान है इस बात का अंदाजा सिर्फ उसके प्रदर्शन या रिकाडर्स से नहीं लगाया जा सकता है। इस बात की तस्दीक तो वो माहौल करता है जो वो अपने पीछे छोड़ कर जाता है।

By: Lalit Prasad Sharma

Published: 07 Mar 2020, 07:47 PM IST

नई दिल्ली. एक खिलाड़ी कितना महान है इस बात का अंदाजा सिर्फ उसके प्रदर्शन या रिकाडर्स से नहीं लगाया जा सकता है। इस बात की तस्दीक तो वो माहौल करता है जो वो अपने पीछे छोड़ कर जाता है। वसीम जाफर भी ऐसा ही एक नाम है, जो अपने पीछे वो यादें, वो विरासत छोड़कर गए हैं जिन्हें सभी याद रखेंगे। तकनीक रूप से बेहद मजबूत जाफर ने शनिवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। मुंबई के रहने वाले जाफर अपने करियर के अंतिम वर्षो में विदर्भ के लिए खेले। 2015-16 में इस टीम से जुडऩे के बाद जाफर ने टीम को दो बार रणजी ट्रॉफी और दो बार ईरानी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में अहम योगदान दिया। अब जबकि वो जा रहे हैं तो टीम के खिलाडिय़ों को निश्चित तौर पर इसकी कमी खलेगी।

उनका साथ नहीं भूल पाएंगे
विदर्भ के कप्तान फैज फजल ने कहा, "हम बेहद भाग्याशाली रहे कि उनके साथ ड्रैसिंग रूम शेयर करने का हमें मौका मिला। उनके साथ हमने काफी कुछ सीखा, न सिर्फ क्रिकेट के बारे में बल्कि मैदान के बाहर भी। वो बेहद मेहनती थे। उन्होंने अपने करियर में काफी कुछ हासिल किया। उनके साथ जो हमारी यादें हैं वो हम कभी भूलेंगे नहीं।" उन्होंने कहा, "उनकी जिस तरह की बल्लेबाजी थी उस पर उन्होंने काफी मेहनत की है। वो सिर्फ गॉड गिफ्टेड नहीं थे उस पर उन्होंने काफी मेहनत भी की है।" एक कप्तान के तौर पर फैज का योगदान विदर्भ की जीत में काफी बड़ा है, लेकिन कई मायने में वो जाफर के बिना अकेले थे। फैज को जब भी जरूरत होती वो जाफर के पास जाते थे और जाफर आगे रहकर फैज की मदद करते थे।

Lalit Prasad Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned