जयंती पर याद किए जा रहे Jai Narain Vyas, जानें व्यक्तित्व-कृतित्व की ख़ास बातें

Jai Narain Vyas, Political Career Profile Birth Death Anniversary: 18 फरवरी, 1899 को जोधपुर में जन्मे व्यास भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' के वरिष्ठ राजनेता थे। जिस समय जयनारायण व्यास का जन्म हुआ तब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था।

By: nakul

Updated: 18 Feb 2020, 03:20 PM IST

जयपुर।

पूर्व मुख्यमंत्री जय नारायण व्यास की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया जा रहा है। 18 फरवरी, 1899 को जोधपुर में जन्मे व्यास भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' के वरिष्ठ राजनेता थे। जिस समय जयनारायण व्यास का जन्म हुआ तब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था।

अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों के कारण उन्होंने कई बार जेल की सज़ा काटी थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस नेताओं ने व्यास की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।


जानें जयनारायण व्यास की ख़ास बातें

- जयनारायण व्यास राजस्थान के प्रमुख स्वतन्त्रता सेनानियों में से एक थे। वे ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने सबसे पहले सामन्तशाही के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई और 'जागीरदारी प्रथा' की समाप्ति के साथ रियासतों में उत्तरदायी शासन की स्थापना पर बल दिया।

- वर्ष 1927 में जयनारायण व्यास ‘तरुण राजस्थान’ पत्र के प्रधान सम्पादक बने और 1936 में उन्होंने बम्बई से ‘अखण्ड भारत’ नामक दैनिक समाचार पत्र निकालना प्रारम्भ किया।

- देश को आज़ादी दिलाने के लिए जयनारायण व्यास ने क्रांतिकारी गतिविधियों में हिस्सा लिया और कई बार जेल की यात्राएं कीं।

- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह में भाग लेने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

- 1948 में जयनारायण व्यास 'जोधपुर प्रजामण्डल' के प्रधानमंत्री बनाए गए।

- 1956 से 1957 तक वे 'प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी' के अध्यक्ष भी रहे।

- 1951 से 1954 तक वे राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे।

- 14 मार्च, 1963 को दिल्ली में जयनारायण व्यास का निधन हुआ।

- जयनारायण व्यास के सम्मान में इनकी जन्म स्थली जोधपुर में 'जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय' आज भी संचालित है।

- वे समाज सुधार एवं राष्ट्रीय आंदोलन को समर्पित कवि, लेखक, पत्रकार थे।

- व्यास जी की पत्नी का नाम गौरजा देवी व्यास था। इनकी चार संतानें हैं, जिनमें एक पुत्र और तीन पुत्रियाँ हैं।

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