10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एसएचओ का रीडर गिरफ्तार, एसएचओ फरार

श्रीगंगानगर में एनडीपीएस एक्ट में दर्ज मामले में बचाने की एवज में वसूल चुके थे 16 लाख रुपए, एसीबी सूत्र बोले, इतनी बड़ी रिश्वत लेना कांस्टेबल और एसएचओ की हिम्मत नहीं, अन्य की भूमिका की जांच होगी

By: Mukesh Sharma

Published: 27 Oct 2020, 10:36 PM IST

जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित होटल रेडिसन में 10 लाख रुपए रिश्वत लेकर बाहर निकल रहे श्रीगंगानगर के कांस्टेबल नरेशचंद मीणा को गिरफ्तार किया। डीजी बीएल सोनी ने बताया कि कांस्टेबल रिश्वत की यह राशि श्रीगंगानगर के जवाहर नगर थाना एसएचओ राजेश सिहाग के इशारे पर वसूल रहा था। आरोपी कांस्टेबल नरेशचंद एसएचओ का रीडर भी है। रिश्वत की यह राशि मादक पदार्थ के दर्ज एक मामले में बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी दवा कारोबारी हरदीपसिंह से ली। परिवादी हरदीपसिंह ने ब्यूरो में दी शिकायत में बताया कि आरोपी एसएचओ और कांस्टेबल उससे 16 लाख रुपए पहले ही वसूल चुके थे। डीजी सोनी ने बताया कि कांस्टेबल को पकडऩे के लिए जोधपुर एसीबी के एएसपी नरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जोधपुर टीम सोमवार सुबह 6 बजे जयपुर पहुंच गई और सोमवार शाम 5 बजे आरोपी कांस्टेबल को होटल में रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया।

थाने पहुंची टीम तो एसएचओ को सूचना मिलने पर भागा

पूरे मामले की निगरानी कर रहे एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि कांस्टेबल को पकडऩे के बाद श्रीगंगानगर में तैयार कर रखी टीम को जवाहर नगर थाने एसएचओ राजेश सिहाग को पकडऩे भेजा। टीम थाने पहुंची, इससे कुछ देर पहले ही एसएचओ गश्त पर निकला था। लेकिन एसएचओ को एसीबी टीम की सूचना मिल गई और वह भाग गया। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

आरोपी एयरपोर्ट ही पहुंच गया परिवादी को लेने

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल मूलत: करौली का रहने वाला है। पहले से सोमवार को रिश्वत की राशि जयपुर में लेना तय था। इसलिए आरोपी करौली घर आ गया था। सोमवार अपराह्न तीन बजे आरोपी कांस्टेबल करौली से जयपुर एयरपोर्ट परिवादी को लेने पहुंच गया। परिवादी को अपने साथ कार में बैठाकर सीधे होटल में ले आया। यहां पर रिश्वत के 10 लाख रुपए लेकर जा रहा था। एडीजी एमएन ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल शातिर है। परिवादी किसी से नहीं मिल सके, इसलिए उसे लेने पहले ही एयरपोर्ट पहुंच गया। वह चार मोबाइल उपयोग में ले रहा है। ताकि एक बार एक मोबाइल से बात कर उसे बंद कर दे और दूसरी बार दूसरे मोबाइल से बात करे। इससे किसी की पकड़ में नहीं आ सके।

सर्च में कुछ नहीं मिला

एसीबी को एसएचओ के श्रीगंगानगर और झुंझुनूं आवास पर सर्च में कोई खास सामग्री नहीं मिली। वहीं आरोपी कांस्टेबल के करौली व श्रीगंगानगर आवास पर भी कुछ नहीं मिला। एसीबी ने आशंका जताई कि आरोपी शातिर हैं। इसलिए घर पर कोई चीज नहीं रखी।

Mukesh Sharma Desk
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