चार मंजिला मकान में आग, कोई बालकोनी से कूदा तो किसी ने पड़ोस की छत पर पहुंचकर बचाई जान

दमकलकर्मियों ने समय रहते दो मासूम बच्चियों सहित फंसे एक दम्पत्ति को बचा लिया, घटना के समय भवन में मौजूद थे करीब 30 लोग, भट्टा बस्ती सब्जी मंडी के पास की घटना

By: Mukesh Sharma

Published: 31 Oct 2020, 06:11 PM IST

जयपुर. भट्टा बस्ती सब्जी मंडी के पास शनिवार सुबह करीब 8 बजे एक चार मंजिला मकान के में आग लग गई। सबसे पहले भूतल पर सीढिय़ों के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगी। पलभर में पूरे मकान में धुआं फैल गया। सीढिय़ों में रखे प्लास्टिक के डिब्बों से आग छत तक पहुंच गई। इससे मकान में रहने वाले लोगों में अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। दूसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों ने स्थानीय निवासियों की मदद से बालकोनी से कूदकर जान बचाई। जबकि इससे उपर वाली अन्य मंजिल पर रहने वाले लोगों ने पड़ोसी की छत पर पहुंचकर जान बचाई। लेकिन मकान में दो मासूम बच्चियों के साथ एक दम्पत्ति अंदर ही फंस गया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने समय रहते मकान में फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया, इससे उनकी जान बच सकी। घटना में एक मासूम बच्ची का हाथ और दूसरी का पांव झुलस गया।
पुलिस ने बताया कि भट्टा बस्ती में आग लगने वाला मकान जालूपुरा निवासी सलीम का है। मकान में भूतल पर दो कपड़े और एक होम्योपैथिक की दुकान है। इनके पास ही चूड़ी बनाने के काम आने वाले कच्चे माल का गोदाम है। शॉर्ट सर्किट से आग चूड़ी बनाने के कच्चे माल में लग गई और पलभर में पूरे मकान में धुआं फैल गई। घटना के समय तीनों दुकानें बंद थी। इससे आग भयाभय नहीं हुई। दुकान के उपर वाली मंजिल पर बिहार निवासी चार महिलाओं के साथ 8-10 मजदूर रहते हैं, जो चूड़ी बनाने का काम करते हैं। महिलाएं आस-पास के घरों में भोजन बनाने का काम करती हैं। घटना के बाद बालकोनी से कूदकर यह लोग इधर-उधर चले गए। जबकि इनसे उपर वाली मंजिल में चूरू के रतनगढ़ निवासी चार भाइयों के परिवार के 16 सदस्य रहते हैं। अंतिम मंजिल पर एक दम्पत्ति तीन बच्चों के साथ रहता है। यह सभी लोग समय रहते मकान से बाहर निकल गए। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

प्रत्यक्षदर्शी : काम करने बैठे तभी धुआं फैला, दो भतीजी झुलसी

मकान की तीसरी मंजिल पर रहने वाले लखन सिंह ने बताया कि वह और उसके तीन बड़े भाई विक्रम, गोविंद और विशाल का परिवार यहां रहकर चूड़ी बनाने का काम करता है। परिवार में बच्चों सहित 16 सदस्य हैं। शनिवार सुबह 8 बजे चूड़ी बनाने के लिए बैठे थे, तभी अचानक धुआं और आग की लपट घर में आ गई। यह देख चीख पुकार मच गई। सभी लोग छत पर बचने के लिए भागे। लेकिन भाई विक्रम, भाभी आरती उनकी दो वर्षीय बेटी ज्योति और भाई गोविंद की एक वर्षीय बेटी लवण्य अंदर ही फंस गए।

भाभी गिर गई, गर्म रेलिंग बच्चों के टच हो गई

लखन ने बताया कि धुआं और लपटेंं देख परिवार के सदस्य छत पर पहुंचे गए। पता चला कि भागदौड़ में भाभी आरती नीचे ही फर्श पर गिर गई। भाई विक्रम की धुआं में फंसने से तबीयत खराब हो गई और वे भी छत पर नहीं पहुंचे थे। दोनों भतीजी भी उनके साथ नीचे ही रह गई थी। सीढिय़ों की गर्म रेलिंग लगने से ज्योति का पांव और लवण्य का हाथ टच होने से झुलस गया।

सीढिय़ों में भूतल से छत तक रखे थे डिब्बे

मकान में रहने वालों ने बताया कि भूतल से लेकर छत तक सीढिय़ों में प्लास्टिक के डिब्बे रखे थे। आग भूतल पर बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट होने से लगी और चिंगारियों से डिब्बों ने आग पकड़ ली। जो सीढिय़ों के जरिए छत तक पहुंच गई। आग में घर का सामान और चूड़ी बनाने का कच्चा व तैयार माल जल गया। उन्होंने बताया कि दीपावली पर कुछ कमाने की जगह आग लगने पर परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया।

Mukesh Sharma Desk
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