जयपुर ग्रामीण के 78 कांस्टेबल कर सकेंगे अनुसंधान

संभवत: प्रदेश का पहला पुलिस जिला बना जयपुर ग्रामीण, जहां कांस्टेबलों से करवाया जाएगा अनुसंधान, अनुसंधान करने से पहले दिया सभी को प्रशिक्षण

By: Mukesh Sharma

Published: 20 Nov 2020, 08:58 PM IST

जयपुर. पुलिस में आपराधिक मामले अधिक होने और अनुसंधान अधिकारियों की कमी को देखते हुए अब कांस्टेबल भी अनुसंधान कर सकेंगे। प्रदेश में जयपुर ग्रामीण संभवत: पुलिस का पहला जिला है, जहां पर कांस्टेबलों से अनुसंधान करवाया जाएगा। हाल ही इस संबंध में सरकार ने 5 नवम्बर को आदेश जारी किया था। जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि 78 कांस्टेबलों को अनुसंधान करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद शुक्रवार से इन कांस्टेबलों को अनुसंधान करने की शक्तियां दे दी गई। गौरतलब है कि जयपुर ग्रामीण के 139 कांस्टेबलों का प्रशिक्षण के लिए चयन हुआ था और निर्देशानुसार आयोजित परीक्षा में कम से कम 50 या इससे अधिक अंक प्राप्त करप्राप्त करने पर 78 कांस्टेबलों का चयन किया गया।


इन मामलों का कर सकेंगे अनुसंधान

पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि अनुसंधान के लिए चयनित कांस्टेबल भारतीय दंड संहिता की धारा 144, 145, 147, 151, 152, 153, 153क, 157, 166ए, 166बी, 170, 171, 188, 215, 224, 269, 270, 277, 279, 280, 283, 289, 292, 294, 295, 104ए, 309, 336, 337, 338, 342, 343, 353 एवं 13 जुआ अधिनियम के अनुसंधान कर सकेंगे। इससे लंबित मामलों के अनुसंधान में भी तेजी आएगी।

इन कांस्टेबलों का किया चयन

- जिनकी शैक्षणिक योग्यता स्नातक है और उन्होंने पुलिस में 9 वर्ष की नौकरी पूरी कर ली है
- कम से कम 5 वर्ष तक थाने या फिर चौकी में ड्यूटी कर चुके
- प्रशिक्षण के बाद पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्धारित परीक्षा पास करने पर जिन आपराधिक प्रकरणों में 2 वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान है, उनका अनुसंधान कर सकेंगे

Mukesh Sharma Desk
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