रामगंज उपद्रव मामला: जनता का एक ही सवाल, किसी की शरारत का खामियाजा सब पर क्यों

शहर के कफ्र्यूग्रस्त इलाकों में माहौल तेजी से सामान्य हो रहा है लेकिन हर एक चेहरे पर आशंकाएं अभी भी नजर आ रही हैं। इन इलाकों में युवाओं सहित अन्य लोगो

By: rajesh walia

Published: 11 Sep 2017, 12:40 PM IST

जयपुर

शहर के कफ्र्यूग्रस्त इलाकों में माहौल तेजी से सामान्य हो रहा है लेकिन हर एक चेहरे पर आशंकाएं अभी भी नजर आ रही हैं। इन इलाकों में युवाओं सहित अन्य लोगों का कहना है कि किसी की शरारत का खामियाजा सब पर क्यों? रामगंज के अजहर और उसके साथियों ने कहा, यह शहर सबका है। हम उपद्रव करने और पत्थर फेंकने वाले नहीं हैं लेकिन हम आए दिन दुव्र्यवहार के शिकार होते हैं। कुछ दिन पहले ही पड़ोसी युवक से केवल इसलिए मारपीट की गई कि वह आदमी व्यक्ति को बाइक पर ले जा रहा था और पीछे एक व्यक्ति को और बैठा रखा था। पुलिस से वह गुहार लगाता रहा लेकिन कांस्टेबल ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उपद्रव में मारे गए आदिल के भाई जमील के चेहरे पर उदासी और गुस्से का मिलाजुला भाव है। उसने कहा, हमने उस रात आदिल के मोबाइल पर कॉल की तो किसी दूसरे ने उठाया। बोला कि उसे गोली लगी है। अपने मुस्लिम मित्र के घर किराए पर रह रहे बिहार निवासी ऑटो ड्राइवर अशोक ने कहा, पुलिस जानती है कि यहां बार-बार विवाद होता है, तो समझदारी से काम ले सकते थे।

कहां जाएं ठेले वाले
सर्वाधिक नुकसान उन ठेले वालों और दिहाड़ी मजदूरों का हुआ है। गांगपोल निवासी नईम ने कहा, पुलिस की अभद्रता सहकर ठेला लगाते रहे हैं। जो कमाई होती है, उसमें पत्नी का इलाज और घर का खर्च चलता रहा। अब दो दिनों की बंदी ने चिन्ता बढ़ा दी है। मुकदमे लड़ते और नगर निगम की धमकियों से थक चुके ठेले-खोमचे वालों पर पुलिस की मनमानी ठीक नहीं है। वे पैसे भी वसूलते हैं और मारपीट भी करते हैं।

थाना क्षेत्रों में उलझे मोबाइल ऑपरेटर, एक—एक टॉवर करते रहे चिन्हित
 चौदह थाना क्षेत्रों के अलावा बाकी शहर में मोबाइल इंटरनेट समय पर शुरू करना मोबाइल ऑपरेटरों के लिए चुनौती बन गया है। कारण, मोबाइल टावर थाना क्षेत्र के आधार पर नहीं लगाए गए हैं, बल्कि ये सर्किट कनेक्टिविटी और तकनीकी आधार पर संचालित हैं। ऐसे में सभी ऑपरेटर पहले तो थाना क्षेत्र के दायरे की जानकारी लेते रहे और फिर उसमें लगे टॉवर का पता लगाने में जुटे नजर आए। जबकि प्रशासन ने रात 12 बजे बाद बाकी थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट शुरू करने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने नहीं दी रियायत
जयपुर. कफ्र्यूग्रस्त इलाकों के स्कूलों में सोमवार का अवकाश भले ही घोषित कर दिया हो लेकिन इससे उन हजारों लोगों का राहत नहीं मिल पाई है जो कफ्र्यूग्रस्त इलाकें से बाहर अपने कार्य के लिए जाते हैं। इन्हें प्रशासन ने फिलहाल रियायत नहीं दी है। इनमें बड़ी संख्या सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की है। कफ्र्यू के कारण इन सभी को अवकाश करना होगा। वहीं दूर-दराज के स्कूल और कॉलेज जाने वाले सैकड़ों बच्चे नहीं जा पाएंगे।

rajesh walia Desk/Reporting
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