विधायकों के परिचितों को लूटने वाला गिरोह पकड़ा, कई एमएलए के जानकारों को बनाया था शिकार

मंदसौर पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार, राजस्थान में तीन मामले आए सामने, पुलिस आयुक्तालय के विशेष थाने में 30 दिसंबर को ही मामला हुआ था दर्ज, आईएएस अधिकारी बनकर विधायक के करीबी ठेकेदारों से करते थे ठगी

By: pushpendra shekhawat

Updated: 03 Jan 2020, 08:58 PM IST

देवेन्द्र शर्मा / जयपुर. खुद को आइएएस अधिकारी बताकर के विधायकों के परिचित ठेकेदारों से ठगी करने वाले गिरोह को मंदसौर पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने राजस्थान में भी कई लोगों को इसी तरह से शिकार बनाया है। आरोपियों के विरुद्ध गत 30 दिसंबर को ही पुलिस आयुक्तालय के विशेष अपराध एवं सायबर थाने में पांच्यावाला निवासी ठेकेदार प्रकाश चंद यादव ने मामला दर्ज करवाया था। इसके अलावा गिरोह के विरुद्ध हनुमान गढ़ और बनार थाने में भी रिपार्ट दर्ज है।


मंदसौर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गिरोह का मास्टर माइंड खगोल बिहार निवासी अभिषेक रंजन (35) है। दो अन्य आरोपी रुकनपुरा बिहार निवासी अजय विश्वकर्मा (38) और गढ़हानी बिहार निवासी चितरंजन चौबे (26) को भी गिरफ्तार किया हैै। इन्होंने 10 दिसंबर को मंदसौर के ठेकेदार अजय आर्य से ठगी की थी। विधायक जगदीश देवड़ा के परिचित अजय को पिपलियामंडी क्षेत्र में रेलवे का ठेका दिलाने के नाम पर सिक्यूरिटी राशि 6 लाख 49 हजार रुपए की ठगी की थी


राजस्थान में तीन विधायकों के खास को लगाया चुना

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि उसने राजस्थान में चूरू रतनगढ़ विधायक अभिनेष महर्षि के परिचित ठेकेदार प्रकाश यादव से 3 लाख 82 हजार, लूनी विधायक महेंद्र सिंह विश्नोई के परिचित ठेकेदार हनुमान राम से 6 लाख 97 हजार रुपए एवं राजस्थान के एक अन्य विधायक के परिचित सतीश कुमार से एक लाख 65 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई है। आरोपी ने रेलवे में 11 करोड़ के प्रोजेक्ट का टेंडर दिलवाने का प्रलोभन देकर ठगी की।


यूं करते थे ठगी

आरोपी अभिषेक रंजन ने ट्रू कॉलर पर अपना नाम आईएएस मंत्रालय भारत सरकार दर्ज कर रखा था। सौरभ शुक्ला खुद को आइएएस और डेप्युटेशन पर रेलवे में कार्यरत बताता। आरोपी हाईप्रोफाइल ठेकेदारों को अपने जाल में फंसता था। साथ ही राजनीतिक व्यक्तियों के माध्यम से चिह्नित ठेकेदारों को रेलवे लाइन, सड़क निर्माण, रेल पुल सहित अन्य शासकीय टेंडर दिलवाने का प्रलोभन देकर उनसे लाखों रूपए की अर्नेस्ट मनी अपने खातें में ट्रांसफर करवाता था। आरोपियों ने पिछले एक महीने में ही करीब 19 लाख रुपए की ठगी की।


विधायकों से बात करके ठेकेदारों को फंसाते

राजस्थान के विधायक अभिनेष महर्षि को मुख्य आरोपी अभिषेक ने फोन करके कहा कि मैं सौरभ शुक्ला आइएएस बोल रहा हूं। आपके विधान सभा क्षेत्र में रेलवे लाइन की मिट्टी भराई का बड़ा कार्य होना है। इसके लिए ए क्लास ठेकेदार की आवश्यकता है। विधायक ने अपने भाई के मित्र जयपुर निवासी प्रकाश चंद्र को इसकी जानकारी दी। ठेकेदार ने विधायक की ओर से दिए गए फोन नंबर पर मुख्य सरगना से बात की। आरोपी ने फोन पर कहा कि 11 करोड़ का ठेका है। इसके लिए 11 लाख अर्नेस्ट मनी लगेगी। प्रकाश ने इस पर तीन लाख 82 हजार रूपए जमा करवा दिए।


विधायक बनने की थी चाह

सरगना अभिषेक बिहार में विधानसभा का निर्दलीय चुनाव भ्ज्ञी लड़ चुका है और सिविल सर्विस की लिखित परीक्षा भी पास कर चुका है। आरोपी फर्जी सिम, फर्जी खाते रखता है। अजय खातों से रुपए निकालने और चितरंजन चौबे उसके साथ ही रहता था। मुख्य आरोपी ने खुद की पत्नी सविता के नाम पर बैंक खाते बना खोल रखे थे। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।

pushpendra shekhawat Desk
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