पुलिस का खौफ: जयपुर में अंधाधुंध फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर मुकेश यादव ने आत्महत्या की

21 सितम्बर को अजय यादव अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या करने वालों में शामिल था मुकेश, दाढ़ी और सिर के बाल कटवाकर काट फरारी, पुलिस ने परिचित, रिश्तेदार सहित अन्य ठिकानों को चेता रखा था, चौमूं में ममेरी बहन के ससुराल पहुंचने के बाद कर ली आत्महत्या

By: pushpendra shekhawat

Updated: 14 Oct 2021, 10:20 PM IST

मुकेश शर्मा / जयपुर। बनीपार्क में हिस्ट्रीशीटर अजय यादव की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या करने वालों में शामिल मुकेश यादव ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। अजय यादव की 21 सितम्बर को हत्या करने के बाद से आरोपी हिस्ट्रीशीटर मुकेश फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश भी दी थी। रिश्तेदार, परिचित और अन्य ठिकानों पर भी पुलिस ने छापा मारा था। लेकिन हिस्ट्रीशीटर मुकेश का सुराग नहीं लग सका था।

एडिशनल डीसीपी रामसिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मुकेश चौमूं में वीर हनुमान मार्ग स्थित ममेरी बहन के बेटे बाबूलाल यादव की इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की दुकान पर पहुंचा। दुकान पर बाबूलाल की पत्नी का भाई रामकिशन बैठा था। रामकिशन ने बाबूलाल को फोन किया, लेकिन उसने मोबाइल रिसीव नहीं किया। करीब 2.45 बजे फिर बाबूलाल ने फोन रिसीव किया, तब रामकिशन ने बताया कि दुकान पर मुकेश आया है। बाबूलाल भी दुकान पहुंच गया, जहां पर मुकेश बिस्किट खा रहा था।

बोला...काफी थक गया हूं

पुलिस पूछताछ में बाबूलाल ने बताया कि मुकेश ने कहा कि वह काफी थक गया है। तब उसे दुकान के पीछे बने कमरे में ले गया। मुकेश के लिए पांच चपाती और पनीर की सब्जी मंगवाई। लेकिन उसने घबराहट होने की कहकर भोजन करने से इनकार कर दिया। कुछ देर बाद मुकेश के लिए चाय लेने चला गया। करीब पन्द्रह मिनट बाद लौटा तो मुकेश गमछे से पंखे से लटका था।

मामा को फोन किया...तो पता चला वांटेड है

एडिशनल डीसीपी रामसिंह ने बताया कि बाबूलाल ने जयपुर में अपने मामा को फोन किया। मामा ने बताया कि मुकेश वांटेड है और पुलिस उसको तलाश रही है। पुलिस को सूचना दे। तब बाबूलाल ने पुलिस कन्ट्रोल रूम फोन कर सूचना दी। पुलिस अजय की हत्या के मामले में मुकेश के जीजा राजेन्द्र को गिरफ्तार कर चुकी। अजय की हत्या में शामिल फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

हत्या सहित 16 प्रकरण दर्ज थे

पुलिस ने बताया कि मुकेश के खिलाफ 16 आपराधिक प्रकरण दर्ज थे। जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, आम्र्स एक्ट, आबकारी एक्ट और मारपीट के मामले हैं।

pushpendra shekhawat Desk
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