जयपुर में लोग अपना रहे बिजली चोरी करने के नए-नए तरीके, डिस्कॉम कीे बहुमंजिला इमारतों में चैंकिंग

Jaipur News : मीटर में बिजली नहीं, चोरी का खेल, अब डिस्कॉम कीे बहुमंजिला इमारतों में चैंकिंग तेज

By: Deepshikha Vashista

Published: 05 Sep 2019, 05:48 PM IST

जयपुर। शहर में बिजली चोरी ( Bijali Chori ) करने के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसमें बाजार से बिजली के मीटर खरीदकर मकान में लगा लिया और उसकी आड़ में बिजली चोरी की जा रही है। बहुमंजिला इमारतों में ऐसी करतूत सामने आ रही हैं। ऐसे हालात से परेशान डिस्कॉम प्रशासन को अब बहुमंजिला इमारतों की चैकिंग शुरू करानी पड़ी है।

विजिलेंस के साथ शहर के सभी डिविजन के संबंधित अभियंताओं को इसी काम में लगा दिया है। हालांकि, कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही ऐसे मामले पकड़ में आ चुके हैं। इनमें सरकारी संसाधन से छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं की गई।

केस—1 :
झोटवाड़ा इलाके में एक इमारत के कुछ फ्लैट में दिखावे के लिए मीटर लगाए गए। इसकी आड़ में पैनल से घर के भीतर तक बिजली का तार डाला और बिजली चोरी शुरू कर दी। लम्बे समय तक यही सिलसिला चलता रहा। मामला पकड़ा तो 92 हजार रुपए की वीसीआर भरी।

केस— 2 :

ट्रांसपोर्ट नगर के पास सेठी कॉलोनी इलाके में बहुमंजिला इमारत में पैनल से सीधे बिजली चोरी करने का मामला पकड़ा। लोगों की शिकायत पर अभियंता सचेत हुए और चैकिंग शुरू की। हालांकि, इसमें भी संबंधित फ्लैटधारक पर ही पेनल्टी लगाने तक का काम हुआ। बिल्डर की भूमिका थी या नहीं, यह जानने की कोशिश नहीं की।

केस— 3 :

अजमेर रोड, पुरानी चुंगी के पास अशोक नगर में पिछले दिनों ही बिजली चोरी पकड़ी। यहां एक इमारत में 12 फ्लैट हैं जिसमें से छह फ्लैट में चोरी की बिजली पहुंचती रही। बिल्डर ये ये सभी फ्लैट किराए पर दे रखे हैं। बिजली चोरी का आकलन करते हुए 1.94 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई।

जवाब मांगते सवाल

—जब कर्मचारी मीटर की रीडिंग लेने जाता है तो उसे ये मीटर क्यों नजर नहीं आए।

—मीटर रीडर को इसकी जानकारी थी तो चोरी को नजरअंदाज क्यों किया जाता रहा, जबकि तत्काल इसकी जानकारी संबंधित कनिष्ठ—सहायक अभियंता को दी जानी थी।
—सरकारी उपकरण से छेड़छाड़ करने के मामले में एफआइआर दर्ज नहीं कराई गई। एफआइआर होती तो इसमें शामिल सभी लोग सामने आ जाते। बिल्डर की भूमिका की भी जांच हो जाती।


एकाएक बढ़ गई बिजली चोरी

—190 जगह बिजली चोरी के मामले पकड़े विजिलेंस टीम ने अप्रेल से अगस्त तक
—1.28 करोड़ रुपए का राजस्व निर्धारण किया इन मामलों में

—994 जगह बिजली चोरी पकड़ी ऑपरेशन—मेंटीनेंस टीम ने
—5.50 करोड़ रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया इन मामलों में


कुछ जगह बहुमंजिला इमारतों में बाहर से खरीदे गए मीटर लगाकर उसकी आड़ में बिजली चोरी की जाती रही। इनमें भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। बहुमंजिला इमारतों में चैकिंग की जा रही है।

—हरिओम शर्मा, अधीक्षण अभियंता (विजिलेंस), जयपुर डिस्कॉम

Deepshikha Vashista
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