महिला की लापरवाही से एक परिवार का सपना चूर-चूर

सात भाई-बहनों में मादाराम सबसे छोटा था। उससे बड़े तीनों भाई मजदूरी कर मादाराम को पढ़ा रहे थे, ताकि घर का लाडला और सबसे छोटा चिराग सरकारी नौकरी में जा सके।

By: kamlesh

Published: 07 Nov 2020, 02:41 PM IST

जयपुर। सात भाई-बहनों में मादाराम सबसे छोटा था। उससे बड़े तीनों भाई मजदूरी कर मादाराम को पढ़ा रहे थे, ताकि घर का लाडला और सबसे छोटा चिराग सरकारी नौकरी में जा सके। मादाराम भी पुलिस में भर्ती होना चाहता था। इसलिए जोधपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह 12वीं पास करने के बाद कांस्टेबल बनने की तैयारी कर रहा था।

पाली जिले के बीजोवा निवासी प्रकाशराम और हरिराम ने बताया कि गुरुवार रात को मादाराम ने परिवार से आखिरी बार बात की थी। उसने कहा कि जयपुर में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने जा रहा हूं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि कार चला रही महिला अगले ही दिन उनके भाई की जान ले लेगी। एक ही पल में पूरे परिवार का सपना चूर-चूर हो गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने फोन किया और दुर्घटना में भाई के घायल होने की जानकारी दी। प्रकाशराम ने बताया कि दीपावली पर मादाराम घर आता, लेकिन हमें उसका शव ले जाना पड़ रहा है। अब बुजुर्ग पिता को कैसे बताएं कि सबका लाडला नहीं रहा। जयपुर थाने में भाई के परीक्षा के प्रवेश पत्र को देखकर प्रकाशराम के साथ परिवार के अन्य लोग भी सहम गए।

जेवर गिरवी रख कर भरी थी कोचिंग की फीस
प्रकाशराम को जयपुर दुर्घटना थाना दक्षिण पहुंचने पर भाई की मौत होने का पता चला। तब वह फूट फूटकर रोने लगा। यहां पर पहले से मौजूद मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीर सिंह ने उसको गले लगाकर निष्पक्ष कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया और ढांढस बंधाया। विधायक उसके साथ मुर्दाघर भी पहुंचे। प्रकाशराम ने बताया कि मां ने अपने जेवर गिरवी रखकर मादाराम को कोचिंग के लिए पैसे दिए थे। कुछ खेती की जमीन बेच दी। इस हादसे से सबकुछ बिखर गया।

पहली बार देखा ऐसा भयानक हादसा
सीताराम गुर्जर ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर टक्कर लगने के बाद करीब 70 फीट हवा में उछला युवक उनकी दुकान के यहां टीनशैड से आकर टकराया और फिर छत पर गिर गया। इतना भयानक हादसा पहली बार देखा। युवक का एक पैर एलिवेटेड रोड पर ही रह गया।

चालीस फीट नीचे गिरा खंभा
कार की टक्कर से एलिवेटेड रोड पर लगा बिजली का खंभा टूटकर करीब चालीस फीट नीचे सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई नहीं था। उधर, मादाराम दो मंजिल गजक की दुकान की छत पर जा गिरा। पुलिस ने पड़ोस की दुकान के बाहर लिखे राजेश शर्मा को फोन किया। राजेश ने बताया कि वे नजदीक बेकुंठनाथ मंदिर में ही रहते हैं। उसने दुकान पर काम करने वाले सुभाष को चाबी देकर भेजा। सुभाष ने बताया कि दुकान का शटर खोल पुलिस के साथ छत पर पहुंचा। तब पड़ोस की दुकान पर युवक का लहूलुहान शव पड़ा था। फिर पड़ोसी सीताराम गुर्जर को फोन कर बुलाया।

एलिवेटेड रोड पर पहुंचने की दो संभावनाएं
पुलिस ने बताया कि मादाराम जोधपुर से बस द्वारा जयपुर आया। यहां पर उसका परीक्षा सेंटर भांकरोटा में था। बस में आंख लग गई और एलिवेटेड रोड पर बस पहुंची तब आंख खुली। भांकरोटा निकल जाने का पता चलने पर वह एलिवेटेड रोड पर ही उतर गया और वापस भांकरोटा पैदल जा रहा था। तभी पीछे से आ रही कार ने टक्कर मार दी। दूसरी आशंका यह जताई कि ट्रेन से जयपुर पहुंचने पर एलिवेटेड रोड से परीक्षा केन्द्र पैदल जाते समय हादसा हो गया। अनुसंधान के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

धाराओं में यह सजा का प्रावधान
धारा 304 में हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाली गैरइरादतन हत्या के मामले में सजा का प्रावधान है। यह एक संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है जिसमें अपराध साबित होने पर दस साल तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

उतावलेपन या लापरवाही की वजह से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो यह धारा 304 ए में अपराध है यह एक संज्ञेय अपराध है जिसमें पुलिस आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करती है, लेकिन जमानती अपराध होने की वजह से इसमें आसानी से आरोपी की जमानत थाने में ही हो जाती है।

एलिवेटेड रोड पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिख चुके हैं। स्पीड बे्रकर भी नहीं बचे। अब फिर रिमाइंडर लिखा है।
आहद खान, एसीपी

महिला के खिलाफ 304 ए आइपीसी में मामला दर्ज किया है। उसे भी सोनी हॉस्पिटल में भिजवाया है। अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अभी महिला को गिरफ्तार नहीं किया।
-रघुनंदन, अनुसंधान अधिकारी, दुर्घटना थाना दक्षिण

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