ठाकुरजी को रथ में विराजमान कर मंदिर में लगवाई परिक्रमा

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर सोमवार को शहर के मंदिरों में रथयात्रा महोत्सव (Rath Yatra Festival) का आयोजन किया गया। संत—महंतों व पुजारियों ने ही मंदिर परिसर में ठाकुरजी को रथ में बिठाकर यात्रा करवाई। हालांकि कोरोना गाइडलाइन के चलते सार्वजनिक शोभायात्रा नहीं निकल पाई। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में रथयात्रा महोत्सव मनाया गया।

By: Girraj Sharma

Published: 12 Jul 2021, 10:08 PM IST

ठाकुरजी को रथ में विराजमान कर लगवाई परिक्रमा
— गोविंददेवजी, गोपीनाथजी सहित अन्य मंदिरों में रथयात्रा महोत्सव
— मंदिर परिसर में ही निकली ठाकुरजी की रथयात्रा

जयपुर। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर सोमवार को शहर के मंदिरों में रथयात्रा महोत्सव (Rath Yatra Festival) का आयोजन किया गया। संत—महंतों व पुजारियों ने ही मंदिर परिसर में ठाकुरजी को रथ में बिठाकर यात्रा करवाई। हालांकि कोरोना गाइडलाइन के चलते सार्वजनिक शोभायात्रा नहीं निकल पाई।

शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में रथयात्रा महोत्सव मनाया गया। सुबह गर्भगृह के पश्चिम द्वार से ठाकुरजी को चांदी के रथ में विराजमान कर निज मंदिर की चार परिक्रमा कराई गई। चांदी के इस प्राचीन रथ में गौर गोविंद के विग्रहों को विराजमान किया गया और महंत अंजन कुमार गोस्वामी व मानस गोस्वामी ने निज मंदिर की परिक्रमा करवाई। मंदिर के सेवक गौरांग महाप्रभु के चित्र हाथ में लिए हरिनाम संकीर्तन करते हुए चले। परिक्रमा के बाद चांदी के रथ को गर्भगृह में दर्शनार्थ रखा गया। गोविंददेवजी ठिकाने के कामां स्थित मंदिर श्रीगोविंददेवजी वृंदारानी में भी सोमवार को मंदिर परिसर में जगन्नाथ को रथ में विराजमान कर रथयात्रा निकाली गई।

पुरानी बस्ती स्थित मंदिरश्री राधा गोपीनाथजी में रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर में ठाकुरजी के समक्ष रथयात्रा झांकी सजाई गई। ठाकुरजी को रथ में विराजमान कर रथयात्रा का भाव दर्शाया गया।इससे पहले अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई।

निहारों सखी रथ की शोभा अपार...

पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुर राधा सरस बिहारी सरकार के रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण के सान्निध्य में शृंगार कुंज के साथ रथयात्रा के दर्शन कराए गए। इससे पहले श्रीराधा सरस बिहारी जू सरकार को नवीन पोशाक करा, शृंगार मुकुट चंद्रिका धारण कराई गई। इस दौरान 'आज सखी रथ में प्रिय हिल-मिल बैठे है..., निहारों सखी रथ की शोभा अपार ...' जैसे पदगायन किए गए।

मूंग, चना व जामुन का भोग
वैशाली नगर के श्रीस्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर में भी परंपरागत रूप से रथयात्रा उत्सव मनाया गया। ठाकुरजी को रथ में विराजमान कर मंदिर के पांच परिक्रमा लगवाई गई। इसके बाद ठाकुरजी के मूंग, चना व जामुन का भोग लगाया गया। अहमदाबाद के अक्षरवत्सल स्वामी ने रथयात्रा की महिमा पर प्रवचन किए।

Girraj Sharma Desk
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