Nagar Nigam Elections 2020: बागियों की मान-मनव्वल का काउंटडाउन शुरू, जानें कैसे ज़ोरों पर है मिशन ‘डैमेज कंट्रोल’

नगर निगम चुनाव 2020, कांग्रेस-भाजपा का मिशन ‘डैमेज कंट्रोल’, बागियों को नाम वापस लेने की कवायद ज़ोरों पर, मंडल-बूथ स्तर से लेकर वरिष्ठ नेता तक सक्रीय, पार्टी प्रत्याशी खुद जुटे संभावित प्रतिद्वंदियों को मनाने में, गुरुवार दोपहर तीन बजे तक देना होगा ‘मिशन’ को अंजाम, बागी नहीं माने तो चलेगा अनुशासन का डंडा

 

By: nakul

Published: 21 Oct 2020, 09:45 AM IST

जयपुर।

नगर निगम चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस-भाजपा का ‘डैमेज कंट्रोल’ अभियान आज भी जारी रहेगा। दोनों ही दलों के पास बागियों को मनाने के लिए आज का पूरा दिन और कल दोपहर तीन बजे तक का वक्त शेष रह गया है। पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापस लेने की मां-मनव्वल में कई नेता सक्रीय हो गए हैं। संगठन स्तर से ज़्यादा पार्टी प्रत्याशी खुद बागियों को मनाने पर पूरा जोर लगा रहे हैं। वहीं जीत की राह में रोड़ा बनने वाले अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों से भी नाम वापस लेने की गुहार लगाई जा रही है।

मंडल-बूथ स्तर के नेता एक्टिव मोड पर
‘डैमेज कंट्रोल’ को लेकर दोनों ही दलों ने मंडल और बूथ स्तर पर नेताओं को जिम्मेदारियां दी हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन से जुड़े पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता खुद इस पूरे ‘ऑपरेशन’ को मॉनिटर कर रहे हैं। दोनों ही दल बागियों को पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापस लेने दावा कर रहे हैं।

प्रत्याशी खुद के स्तर पर कर रहे मान-मनव्वल
बागियों को नाम वापस लेने की कवायद में भले ही संगठन स्तर पर कोशिशें को रही हैं, लेकिन उससे ज़्यादा पार्टी प्रत्याशी खुद अपने वार्ड के बागियों को मनाने में जुटे हैं। पार्टियों ने प्रत्याशियों को भी अपने स्तर पर बागियों को मनाने का टास्क दिया हुआ है। संगठन की ओर से स्पष्ट मैसेज गया है कि यदि पार्टी के कोई कार्यकर्ता निर्दलीय खड़े हुए हैं तो आप उनके घर पर जाएं और सौहार्द पूर्ण वातावरण में पार्टी की एकजुटता के लिए उनसे बात करें।

अन्य निर्दलीयों को मनाने की भी कवायद
नाम वापसी का वक्त करीब आने के साथ ही प्रत्याशी अपनी जीत की राह आसान बनाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। कोशिश यही है कि नामांकन भरने वाले ज़्यादा से ज़्यादा दावेदारों को म्मनाकर उनके नाम वापस करवा लिए जाएँ। ज़्यादातर वार्डों में बागियों के अलावा भी ऐसे कई स्थानीय व्यक्ति हैं जिन्होंने निर्दलीय पर्चा भरा है और वे राजनीतिक दल के प्रत्याशी के लिए भारी पड़ सकते हैं। ऐसे में इन सभी को मनाने के प्रयास ज़ोरों पर हैं।

भाजपा के 140 बागी हैं मैदान में
जयपुर, जोधपुर और कोटा के छह नगर निगमों में भाजपा के 140 कार्यकर्ताओं ने बागी होकर नामांकन दाखिल किया है। इसमें सबसे ज़्यादा 67 बागी जयपुर की दोनों नगर निगम से हैं। वहीं कोटा में 40 और जोधपुर में 33 कार्यकर्ताओं ने बागी होकर भाजपा प्रत्याशियों के सामने ताल ठोकी है।

नहीं माने तो चलेगा अनुशासन का डंडा!
बागियों के पास भी चुनाव मैदान में बने रहने या पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में हटकर वफादारी दिखाने का मौक़ा गुरुवार दोपहर तीन बजे तक का ही है। अगर पार्टी के कहने के बाद भी इन नेताओं ने अपना नाम वापस नहीं लिया तो पार्टी की ओर से तय नियमों के तहत इन सभी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

nakul Desk
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