शहादत को सलाम करने उठे हजारों हाथ, निवारू कस्बा रहा बंद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे गूंजायमान

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में निवारू के जवान दाताराम की शहादत के बाद रविवार सुबह अंतिम यात्रा निकली तो पूरा इलाका हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। जवान के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

By: kamlesh

Published: 21 Feb 2021, 09:23 PM IST

कालवाड़/निवारू। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में निवारू के जवान दाताराम की शहादत के बाद रविवार सुबह अंतिम यात्रा निकली तो पूरा इलाका हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। जवान के अंतिम दर्शनों के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ मोक्षधाम तक जोशीले नारे लगाते हुए पहुंची।

राजपूताना राइफल्स में हवलदार के पद पर कार्यरत मूलत: भरतपुर जिले के नगर तहसील के पीरा का गांव निवासी दाताराम जाट (फौजदार) जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में एलओसी के पास सैन्य गतिविधि के दौरान 19 फरवरी को शहीद हो गए थे। उनकी पार्थिव देह श्रीनगर से हवाई मार्ग से शनिवार को दिल्ली लाई गई, जहां से पार्थिव देह सड़क मार्ग से जयपुर पहुंची और रविवार सुबह मिलिट्री अस्पताल की मोर्चरी से सम्मान के साथ दाताराम की पार्थिव देह हजारों लोगों के वाहन जुलूस के साथ झोटवाड़ा निवारू बाइपास, निवारू बस स्टैंड होते हुए शिवम विहार स्थित उनके निवास पहुंची। इस दौरान पूरा निवारू रोड शहादत को सलाम के लिए उमड़ गया। शव घर पहुंचा तो परिजनों की रुलाई फूट पड़ी। परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। जिनको सेना के अधिकारियों व रिश्तेदारों ने ढांढस बंधाया। परिवार के सदस्यों ने पार्थिव देह के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस दौरान उमड़ी भीड़ को नियंत्रण करने में पुलिस को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंतिम यात्रा शिवम विहार से रवाना होकर निवारू बस स्टैंड से होते हुए मोक्षधाम पहुंची, जहां सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सेना के अधिकारियों ने पार्थिव देह पर लिपटे तिरंगे को सम्मान के साथ शहीद की पत्नी पिंकी देवी को सौंपा। दोपहर करीब 1.30 बजे दाताराम के पुत्र शिवा फौजदार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान एक बार फिर निवारू कस्बा 'हिंदुस्तान जिंदाबाद। 'जब तक सूरज चांद रहेगा, दाताराम तेरा नाम रहेगा' के उद्घोष से गूंज उठा।

बूढ़ी मां व बहनों की फूटी रुलाई
निवारू में दाताराम के अंतिम विदाई से पूर्व उनकी पार्थिव देह उनके घर पहुंची तो बूढ़ी मां सिंगारी देवी, भाई गुलाब सिंह, ओमवती, रामवती, वीरांगना पिंकी, पुत्री ज्योति, छोटी पुत्री सिमरन, इकलौते पुत्र शिवा की रुलाई देख कर उपस्थित लोगों की आंखों से भी आंसू छलक गए।

वीरांगना की दृढ़ता ने बढ़ाया हौसला
वीरांगना पिंकी देवी अपने पति की पार्थिव देह को देखकर एक बार तो बेसुध हो गई लेकिन बाद में हिम्मत दिखाई और अपने पति को पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को सलाम किया। वीरांगना की दृढ़ता को देख उपस्थित परिजनों व लोगों का हौसला बढ़ गया।

जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
मोक्षधाम पर शहीद की पार्थिव देह पर सेना के अधिकारियों के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल सिंह शेखावत की तरफ से उनके प्रतिनिधि लादूराम चौधरी, गिरिराज जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर सिंह किसनावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया की ओर से उनके प्रतिनिधि जालसू पंचायत समिति के उपप्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह नाथावत, दिगेंद्र सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित किए। इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से कोई बड़ा पदाधिकारी मौजूद नहीं रहा। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया के प्रतिनिधि के रूप में रामप्रकाश पिपलोदा ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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