जयपुर मेट्रो का मौजूदा तकनीकी ढांचा ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन के लायक नहीं

HIMANSHU SHARMA

Publish: Sep, 16 2018 10:39:29 AM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 10:39:30 AM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर मेट्रो ट्रेन को ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन से ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन में अपग्रेड करने की कोशिशों को झटका लगा है। जयपुर मेट्रो की तकनीक को जांचने जयपुर आए कमिश्नर रेलवे सेफ्टी सुशील चन्द्रा के निरीक्षण के दौरान जयपुर मेट्रो में कई तकनीकी खामियां सामने आई। मौजूदा तकनीकी कमियों के चलते जयपुर मेट्रो को ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन मोड में अपग्रेड करना संभव नहीं है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने 14 सितम्बर की रात को मानसरोवर से चांदपोल के बीच जयपुर मेट्रो के मौजूदा पायलट मोड में ट्रेन के संचालन की तकनीक देखी। इसके बाद 15 सितम्बर को ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन के लिए जयपुर मेट्रो की तकनीक को जांचा। इसमें ये पाया गया कि जयपुर मेट्रो का मौजूदा तकनीक और तकनीकी ढांचा ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन के लायक नहीं है, इसमें बहुत सुधार की जरूरत है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने फिलहाल जयपुर मेट्रो को ऑटोमैटिक मोड पर चलाने की अनुमति नहीं दी है। ऑटोमैटिक मोड पर ट्रेन चलाने की मंजूरी नहीं मिलने से मेट्रो अधिकारियों और इंजीनियर्स में मायूसी छा गई, क्योंकि जयपुर मेट्रो ने अपनी तरफ से बहुत तैयारियां की थी। अब आपको बताते हैं कि आखिर पायलट मोड और ॉटोमैटिक मोड में फर्क क्या है। मौजूदा समय में मेट्रो का संचालन पायलट करते हैं, जब इसे ऑटोमैटिक मोड पर लेकर आएंगे, तब इसमें दो की बजाय सिर्फ एक ही पायलट होगा।

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