जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज में ये हैं मुश्किलें,स्टडी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

जयपुर मेट्रो के दूसरे फेज में ये हैं मुश्किलें,स्टडी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Mridula Sharma | Publish: Sep, 11 2018 11:00:23 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

मेट्रो का दूसरा फेज सीतापुरा से वीकेआई तक प्रस्तावित है

जयपुर. जयपुर मेट्रो का दूसरा फेज सीतापुरा से वीकेआई तक प्रस्तावित है। इस 29.5 किमी लम्बे रूट पर भी अपेक्षित यात्री भार वर्ष 2026 के आधार पर ही मिलेगा। जयपुर मेट्रो की ओर से काम्प्रेहेंसिव मोबेलिटी स्टडी रिपोर्ट में यह सामने आया है। यानी इससे पहले निर्धारित रूट पर मेट्रो दौड़ी तो किराए से अपेक्षित राजस्व नहीं मिलेगा। इसी कारण जेएमआरसी, सरकार दोबारा अध्ययन में जुटी है। इस रूट पर हर दिन 4.50 लाख यात्री मिलने का दावा किया गया है।
सरकार ने सीतापुरा से वीकेआइ तक बीआरटीएस या अन्य परिवहन विकल्प की बजाय मेट्रो को बेहतर माना है। यह एमआई रोड होते हुए गुजरेगा। कैग की रिपोर्ट में मेट्रो के फेज 1-ए व 1-बी की डीपीआर और संचालन से जुड़ी डीपीआर के आधार पर करीब 500 करोड़ रुपए की चपत का खुलासा किया गया है।

 

प्रस्तावित अलाइनमेंट : कलक्ट्रेट सर्कल से सिंधी कैम्प, एमआइ रोड पर अजमेरी गेट, एयरपोर्ट टर्मिनल दो की तरफ भूमिगत प्रस्तावित है। अन्यत्र एलीवेटेड संचालन होगा। स्टडी रिपोर्ट में उत्तर से दक्षिण में परिवहन सेवा के लिए मेट्रो को ही बेहतर विकल्प माना है। फिलहाल अलाइनमेंट फाइनल नहीं हुआ।

 

यह है रूट
29.5 किमी है दूरी सीतापुरा से अम्बाबाड़ी होते हुए वीकेआई
25 स्टेशन प्रस्तावित किए गए
453591 यात्रियों का आंकलन

 

इस रूट को नकार रहे
सीतापुरा से जेएलएन मार्ग तो होते हुए अम्बाबाड़ी तक रूट का भी अध्ययन किया गया। इसकी लम्बाई 22.5 किलोमीटर आंकी गई है। इस रूट पर प्रतिदिन 1.99 लाख यात्रीभार मिलने का आंकलन किया गया, जो पहले वाले रूट से 2.51 लाख यात्रीभार कम है। यही कारण है कि इस रूट को नकारा जा रहा है।

 

लागत जुटाना चुनौती
निर्माण कार्य अभी शुरू हो तो भी लागत करीब 10 हजार करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इतनी राशि जुटाना मौजूदा स्थिति में किसी चुनौती से कम नहीं है। दूसरा विकल्प पीपीपी मॉडल का है, जिसमें निजी कंपनी अपने खर्च पर निर्माण कर सकती है।

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