फर्श के नीचे दबी चांदी चोरी होने के मामले में सामने आई लम्बी साजिश

वैशालीनगर के डी-ब्लॉक में डॉ. सुनीत सोनी के घर में फर्श के नीचे दबी चांदी चोरी होने के मामले में लम्बी साजिश सामने आई है।

By: santosh

Published: 28 Feb 2021, 11:31 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। वैशालीनगर के डी-ब्लॉक में डॉ. सुनीत सोनी के घर में फर्श के नीचे दबी चांदी चोरी होने के मामले में लम्बी साजिश सामने आई है। यह साजिश डॉ. सोनी के परिचित श्यामनगर निवासी सर्राफा व्यापारी शेखर अग्रवाल ने ही रची थी। उसने अपना बनकर पहले चांदी जमीन में दबवाई, फिर सुरंग खुदवाकर चुरा ली। शेखर अभी फरार है, जिसे पुलिस तलाश रही है।

पीड़ित परिवार ने बताया कि शेखर की रामगंज बाजार में और एक मॉल में आभूषण की दो दुकानें हैं। शेखर से उनकी अच्छी दोस्ती थी। यह पता नहीं था कि उसके मन में महीनों से चोरी की साजिश चल रही थी। सुरक्षा का हवाला देकर शेखर ने ही चांदी बॉक्स में रखवाकर उसे बेसमेंट की फर्श के नीचे दबवाया था। जमीन के अंदर बॉक्स कहां है, इसकी उसे पूरी जानकारी थी। परिवार दंग था कि चांदी चुराने के लिए उसने इतनी बड़ी साजिश रची।

बक्सा ही निकालने वाले थे
आरोपियों ने जिस मकान को खरीदकर वहां से चांदी के बक्से तक सुरंग खोदी, शनिवार दोपहर वैशालीनगर एसीपी रायसिंह बेनीवाल वहां पहुंचे। एफएसएल टीम ने पड़ोस में काम कर रहे कारीगर को बुलाकर मकान में स्थित कमरे में फर्श की टाइल्स तुड़वाई। मौका मुआयना कर बताया कि आरोपियों ने 3 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ाई में सुरंग खोदी है ताकि सुरंग के जरिए बक्सा निकाल लाएं। बक्सा नहीं निकल पाया तो उसे कटर से काटकर उसमें रखी चांदी ले गए। इसके बाद पुलिस ने 4 मजदूर बुलवाकर सुरंग के मुहाने पर खुदाई करवाई। वारदात के बाद आरोपियों ने सुरंग के अंदर मिट्टी भरकर मुहाने पर लगभग दो फीट रोड़ी, बजरी और सीमेंट का मसाला भर दिया था। मजदूर शनिवार शाम 6 बजे तक सीमेंट-मसाला ही हटा पाए। रविवार को सुरंग से मिट्टी निकाली जाएगी।

शेखर आया था, पुलिस को देखकर भाग गया
स्थानीय लोगों के मुताबिक गुरुवार को पुलिस पहुंची तब बनवारी जांगिड़ (जिसके नाम से मकान खरीदा गया) मौके पर ही था। शेखर भी आया था लेकिन डॉ. सोनी के साथ पुलिस को देखकर दूर से ही भाग गया।

बेचना नहीं चाहती थी मकान
स्थानीय लोगों और पीडि़त परिवर ने बताया कि आरोपियों ने वारदात के लिए 87 लाख रुपए में जिस उंगती से मकान खरीदा, वह उक्त मकान को बेचना ही नहीं चाहती थी। बीस वर्षों में कई बार मकान बेचने के संबंध में चर्चा की गई लेकिन मकान बेचने से उसने इनकार कर दिया था। आरोपियों ने वारदात के लिए मकान खरीदने की प्लानिंग बहुत पहले से बना ली थी, जिसे वे डेढ़ माह पहले ही खरीद पाए थे। पुलिस को मकान में लकड़ी के फंटे मिले हैं। आशंका जताई है कि ये फंटे इसलिए लाए गए ताकि मिट्टी खोदते समय सुरक्षा के लिए लगा सकें। खुदाई में काम लिए गए दो फावड़े भी मिले हैं। लोहे का बॉक्स काटने वाला कटर और अन्य सामान पहले ही मिल चुका है।

चांदी का ही सामान
पीडि़त चिकित्सक ने बॉक्स में रखी चांदी की सूची गुरुवार को भी पुलिस को नहीं दी। हालांकि पुलिस का अनुमान है कि बॉक्स में तीस-तीस किलो वजनी चांदी की सिल्लियां और चांदी का अन्य सामान था। मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने या पीडि़त चिकित्सक द्वारा सामान की सूची मिलने के बाद ही चोरी हुए माल का खुलासा हो पाएगा।

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