चुनाव से पहले याद आ गई शहर की सरकार

Ankita Sharma

Publish: May, 18 2018 02:47:07 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
चुनाव से पहले याद आ गई शहर की सरकार

4 नई समितियों सहित कुल 22 संचालन समितियों का गठन

विद्युत समिति को 3 समितियों में बांटा

जयपुर


उपचुनाव में करारी हार के बाद सत्ताधारी भाजपा सरकार चुनावी साल में हर किसी की नाराजगी दूर करने में जुटी है। मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए गांव-कस्बों के दौरे कर रही हैं। तो जयपुर नगर निगम में नाराज अपने ही पार्षदों को मनाने के लिए डेढ़ साल बाद समितियों का गठन किया गया है। पार्षदों की नाराजगी विधानसभा चुनाव में भारी पडऩे के डर से विधायक लगातार सरकार पर समितियां गठित करने का दवाब बना रहे थे। लेकिन महापौर समितियां गठित करने के इच्छुक नहीं थे। अब सरकार ने महापौर की इच्छा को दरकिनार कर समितियों का गठन कर पार्षदों की नाराजगी दूर करने की कोशिश की है।
चेयरमैन तो बने पर बदल गई समिति
नगर निगम की 4 नई समितियों सहित कुल 22 संचालन समितियों का गठन किया गया है। जबकि विद्युत समिति को 3 समितियों में बांटा गया है। खास बात यह है कि पूर्व महापौर निर्मल नाहटा के समय बनी समितियों के कुछ अध्यक्षों को नई सूची में जगह नहीं मिली है। वहीं ज्यादातर अध्यक्षों की समितियां बदल दी गई हैं। निगम ने सफाई समिति की ही तरह इस बार सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के भी तीन चेयरमैन बनाए हैं। इस सूची में भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए तीनों पार्षदों को कोई समिति नहीं दी गई है। उप महापौर मनोज भारद्वाज से नियम-उपनियम समिति छीनकर तेजेश शर्मा को दे दी गई है। उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत गुट के मान पंडित से लोकवाहन समिति छीनकर उन्हें सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था समिति में वार्ड संख्या—1 से 31 दिए गए हैं। इसी तरह राखी राठौड़ को वित्त समिति की बजाय अपराधों का शमन समिति का चेयरमैन बनाया गया है। महापौर अशोक लाहोटी ने भवन अनुज्ञा एवं संकर्म समिति खुद के पास रखी है। निगम समितियों में 214 सदस्य बनाए गए हैं। गौरतलब है कि 13 ?दिसंबर 2016 को नगर निगम समिति अध्यक्षों से इस्तीफे लिए गए थे।

6 विधायकों की चली, 3 रहे बेअसर
समितियों के गठन में जयपुर के विधायकों ने अपने-अपने समीकरण साधने की कवायद की है। झोटवाड़ा से विधायक व उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, मालवीय नगर विधायक व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, हवामहल विधायक सुरेन्द्र पारीक, सिविल लाइंस विधायक व समाज कल्याण एवं आधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, आदर्श नगर विधायक अशोक परनामी और विद्याधर नगर विधायक नरपत सिंह राजवी की पसंद को समिति गठन में तवज्जो दी गई है। जबकि बगरू विधायक कैलाश वर्मा, किशनपोल विधायक मोहनलाल गुप्ता और सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी समिति गठन में बेअसर रहे हैं। इसी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी विधायक अपने—अपने क्षेत्र के पार्षदों को समिति?यों में जगह दिलाकर उन्हें खुश करना चाह रहे थे।

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