करोड़ों की ठगी करने वाला विनायक बिल्ड एस्टेट का निदेशक गिरफ्तार


अजमेर और जयपुर में खुद के मकान, इंदौर में किराए के मकान में छिपकर रह रहा था, उज्जैन से पकड़ा
जयपुर के विभिन्न थानों में 47 मुकदमें दर्ज, अभी भी दो निदेशकों सहित अन्य की तलाश

By: Mukesh Sharma

Updated: 01 Mar 2020, 05:35 PM IST

जयपुर. वैशाली नगर थाना पुलिस ने लोगों को खुद का घर होने का सपना दिखा करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हुए विनायक बिल्ड एस्टेट के एक निदेशक को मध्यप्रदेश के उज्जैन से पकड़ा है। आरोपी निदेशक और उसके अन्य साथी निदेशकों के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में ठगी के 47 मुकदमें दर्ज हैं। दो निदेशक अब भी फरार हैं। जबकि एक निदेशक को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।

डीसीपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि मूलत : अजमेर हाल वैशाली नगर निवासी रजत सिंघल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सिंघल इंदौर में किराए का मकान ले छिपकर रह रहा था। पुलिस टीम इंदौर पहुंची, तब आरोपी के उज्जैन में होने का पता चला था। पुलिस टीम ने उज्जैन में उसको पकड़ा। डीसीपी सागर ने बताया कि विनायक बिल्ड एस्टेट के निदेशक गोपेश शर्मा, रजत सिंघल, सुशील कुमार सैन, पंकज शर्मा सहित अन्य के खिलाफ वैशाली नगर में 17 मुकदमों सहित भांकरोटा, जालूपुरा, विद्याधर नगर, सांगानेर, जवाहर नगर, बजाज नगर, शिप्रापथ, विश्वकर्मा, चित्रकूट और करधनी थाने में कुल 47 प्रकरण ठगी के दर्ज हैं। गोपेश शर्मा को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है, जो न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। जबकि पंकज शर्मा, सुशील कुमार सैन सहित अन्य की तलाश जारी है।

एक पट्टे पर 15 से 20 लाख रुपए लिए

डीसीपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि विनायक बिल्ड एस्टेट के चारों निदेशकों ने वर्ष 2017 में अजमेर रोड और महला में जॉयमेक्स गार्डन ए, बी, सी और विभिन्न नामों से आवासीय कॉलोनियां सृजित कर सैकड़ों लोगों से मोटी रकम ले ली और उन्हें फर्जी पट्टे आवंटन कर दिए। एक पट्टे पर करीब 15 से 20 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया गया है। लोगों को फर्जी पट्टों की जानकारी लगी, तब आरोपी निदेशकों से रकम वापस मांगी। लेकिन आरोपियों ने ना ही रकम लौटाई और ना ही प्लॉट दिए।

Mukesh Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned