रावण दहन पर कोरोना का असर, नहीं होंगे बड़े आयोजन

rawan dahan 2020 : बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी का पर्व रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दोपहर बाद जगह जगह आयुध पूजा की जाएगी। इस दिन जयपुर के पूर्व राज परिवार के सदस्य सिटी पैलेस में परंपरागत रूप से आयुध पूजा करेंगे।

By: Devendra Singh

Updated: 24 Oct 2020, 11:27 PM IST

जयपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी का पर्व रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दोपहर बाद जगह जगह आयुध पूजा की जाएगी। इस दिन जयपुर के पूर्व राज परिवार के सदस्य सिटी पैलेस में परंपरागत रूप से आयुध पूजा करेंगे। इसके बाद रामगढ़ मोड़ स्थित दशहरा कोठी जाकर दशहरा की पूजन करेंगे। हालांकि कोरोना के कारण इस बार पर्व की रौनक फीकी ही रहेगी। धारा-144 के मद्देनजर इस बार राजधानी जयपुर में बड़े स्तर पर सार्वजनिक कार्यक्रम देखने को नहीं मिलेंगे ना ही बड़े स्तर पर आतिशबाजी एवं रावण के पुतलों का दहन होगा। आदर्शनगर, जवाहर नगर, न्यूगेट स्थित रामलीला मैदान, विद्यानगर, मानसरोवर, प्रतापनगर एवं शास्त्रीनगर में रावण दहन का पहले जैसा नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इसको लेकर राजधानी में रावण के पुतले बनाने वाले कलाकारों में भी मायूसी हैं।

इस बार विद्याधर नगर स्टेडियम में अट्‌टाहस करता हुआ 121 फीट का सबसे बड़ा रावण भी नजर नहीं आएगा।
आदर्श नगर स्थित दशहरा मैदान में शहर से 105 फीट ऊंचे रावण के दहन के साथ होेेेेेेेेने वाली आतिशबाजी भी देखने को नहीं मिलेगी। यहां हर साल हजारों की भीड़ जुटती थी। इसके अलावा मानसरोवर, शास्त्रीनगर व जवाहर नगर में बड़े स्तर पर रावण का दहन नहीं होगा।

दशहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से निकाले जाने वाले पथ संचलन का आयोजन इस बार नहीं होगा। यानि कि पूर्ण गणवेश में शस्त्रों के साथ मार्च पास्ट करते स्वयंसेवक दशहरे वाले दिन की सुबह नजर नहीं आएंगे।
कोरोना वायरस की एहितयात का पालन करते हुए यह बड़ा निर्णय लिया गया है। परंपरा का पालन करने के लिए केवल शस्त्र पूजन होगा।

Devendra Singh Reporting
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