नवरात्र में मां भगवती को नौ दिन चढ़ाएं ये भोग, मिलेगा आशीर्वाद पूरी होंगी मनोकामनाएं

shardiya navratri 2020 : नवरात्र के दौरान माता की उपासना के साथ ही व्रत-उपवास करने और पूजन का विशेष महत्व है। नवरात्र में साधक नौ दिन तक उपवास रख कर जिस प्रकार नौ दिन, मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करता है, ठीक उसी प्रकार इन नौ दिनों में माता को हर दिन के तिथि के हिसाब से अलग-अलग भोग अर्पित करना चाहिए। तिथि के अनुसार माता को भोग अर्पित करने से माता भक्तों के सभी प्रकार के कष्ट हर लेती है और मनवांछित फल प्रदान करती है।

By: Devendra Singh

Published: 16 Oct 2020, 07:02 PM IST

जयपुर। शारदीय नवरात्र कल यानि शनिवार अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ हो रहे है। इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन के होंगे। नवरात्र के दौरान माता की उपासना के साथ ही व्रत-उपवास करने और पूजन का विशेष महत्व है। नवरात्र में साधक नौ दिन तक उपवास रख कर जिस प्रकार नौ दिन, मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करता है, ठीक उसी प्रकार इन नौ दिनों में माता को हर दिन के तिथि के हिसाब से अलग-अलग भोग अर्पित करना चाहिए। तिथि के अनुसार माता को भोग अर्पित करने से माता भक्तों के सभी प्रकार के कष्ट हर लेती है और मनवांछित फल प्रदान करती है। इसी लिए नवरात्र में देवी को हर दिन एक विशेष प्रकार का भोग लगाया जाता है। नवरात्र में नौ दिन तक देवी को विशेष भोग अर्पित करने और बाद में प्रसाद को जरूरतमंद लोगों में दान करने माता शीघ्र प्रसन्न होकर फल देती है। ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षय शास्त्री के अनुसार शारदीय नवरात्र में तिथि के अनुसार यदि देवी का प्रिय प्रसाद का भोग अर्पित किया जाए तो मां प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य सुरेश शास्त्री के अनुसार नवरात्र में नौ दिन अलग-अलग भोग लगाने की परंपरा है, ऐसा करने से माता प्रसन्न होती है जिससे व्यक्ति के जीवन में दुख का नाश होकर सुख-शांति और खुशहाली का प्रवेश होता है।

प्रतिपदा : घी को भोग अर्पित करने से आरोग्य की प्राप्ति।
द्वितीया : दीर्घायु के लिए शक्कर का भोग।
तृतीया : कष्ट निवारण के लिए दूध का भोग अर्पित करे।
चतुर्थी : पारिवारिक सुख के लिए मालपुए का भोग लगाए।
पंचमी : सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए केले का भोग।
षष्ठी : धन प्राप्ति के लिए शहद का भोग।
सप्तमी : गुड़ का भोग लगाने से दरिद्रता दूर होती है।
अष्टमी : सुख-समृद्धि, एश्वर्य की प्राप्ति के लिए नारियल का भोग।
नवमी : संतान की प्राप्ति के लिए अनाजों का भोग लगाएं।

Devendra Singh Reporting
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