सोनोग्राफी बोले...जुड़वां बच्चे...डॉक्टर बोले एक

Sanjay Kaushik

Updated: 14 Jul 2019, 01:18:07 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

-जयपुर का चांदपोल जनाना अस्पताल : लापरवाही...हंगामा

-मरीज ने लगाया फाइल छीनने और छुपाने का आरोप

जयपुर। जयपुर(Jaipur ) के चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता ने डॉक्टरों पर बच्चा गायब करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसकी पांच बार सोनोग्राफी हुई, जिसमें हर बार उसके जुड़वां बच्चों का होना बताया गया था, लेकिन सीजेरियन प्रसव के बाद उसे एक ही बच्चा सौंपा गया। आरोप है कि मामला बढऩे पर उसके सारे कागजात भी डॉक्टरों ने छुपा लिए। इस मामले का पता चलने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और धरना दिया।

---मरीज कहिन...

मरीज रमा देवी (32) ने बताया कि 19 जून को झोटवाड़ा स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में उसने सोनोग्राफी करवाई थी, जहां पर उसके पेट में दो बच्चों का होना बताया। इसके बाद जनाना अस्पताल में हुई सोनोग्राफी में भी दो बच्चों के होने की जानकारी दी गई। जब 9 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया, उस समय भी सोनोग्राफी में जुड़वां बच्चों की जानकारी दी। 10 जुलाई को महिला की प्रसव हुआ। इसके बाद महिला को एक ही बच्चा सौंपा गया।
-दूसरा बच्चा मांगा तो डांटकर भगाया

महिला का पति विकलांग है। जब प्रसव हुआ तो उस समय महिला की ननद तारा देवी वहां मौजूद थी। तारा देवी ने बताया कि जब उसने डॉक्टरों से दूसरे बच्चे को लाने के लिए कहा तो डॉक्टरों ने उसे डांटकर भगा दिया और कहा कि उसके एक ही बच्चा हुआ है।
-फाइल छीनी, दो दिन तक टालमटोल

मरीज की फाइल भी छीन ली। पिछले दो दिन से जब डॉक्टरों का टालमटोल रवैया रहा। जब मरीज को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी देने की कार्रवाई चल रही थी तो मरीज के परिजनों ने कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं को आपबीती बताई।
-अस्पताल की सोनोग्राफी में एक बच्चा

जनाना अस्पताल में डॉ. अनिल गुर्जर ने महिला की सिजेरियन डिलीवरी करवाई थी। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में जो सोनोग्राफी हुई उसमें एक ही बच्चा था, जबकि बाहर करवाई गई जांचों में महिला के जुड़वां बच्चे थे। मरीज के परिजन सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। अगर डॉक्टर समय पर आकर परिजनों को सहीं जानकारी देते तो मामला नहीं बढ़ता।
-सामाजिक कार्यकर्ताओं का धरना

नेशनल एंटी क्राइम एंड ह्यूमन राइट्स के कार्यकर्ता शनिवार को सुबह अस्पताल आए और डॉक्टरों व नर्सिंगकर्मियों से मुलाकात की। जब सही जवाब नहीं मिला तो संस्था की अध्यक्ष नरेश कंवर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर विरोध जताया गया। कार्यकर्ता दिनभर अस्पताल में हंगामा करते रहे और शाम को धरने पर बैठ गए।

-अधीक्षक के कमरे में वार्ता, दर्ज कराया परिवाद

मामला बढ़ता देख शाम को अस्पताल अधीक्षक डॉ. लता राजोरिया अस्पताल पहुंची। इसी बीच काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी आए। एसीपी संध्या यादव ने पीडि़तों के साथ वार्ता की और पूरी कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय मांगा। पीडि़त पक्ष ने सिंधी कैंप थाने में परिवाद दर्ज करवाया है। एसआई सुमन बगडि़या को मामले की जांच सौंपी गई है।

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