23 किलोमीटर लम्बी परकोटे की दीवार से हटेंगे अतिक्रमण, होगा जीर्णोद्धार

परकोटे को विश्व विरासत का दर्जा मिलने के बाद अब नगर निगम ने चार दीवारी के संरक्षण का काम शुरू किया है। इसके लिए अतिक्रमण और अवैध निर्माण से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी 23 किलोमीटर लम्बी परकोटे की दीवार का जीर्णोद्धार होगा...

By: dinesh

Published: 18 Feb 2020, 08:49 AM IST

जयपुर। परकोटे को विश्व विरासत का दर्जा मिलने के बाद अब नगर निगम ने चार दीवारी के संरक्षण का काम शुरू किया है। इसके लिए अतिक्रमण और अवैध निर्माण से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी 23 किलोमीटर लम्बी परकोटे की दीवार का जीर्णोद्धार होगा। निगम ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की है।

परकोटे की दीवार के सहारे जगह-जगह अतिक्रमण और अवैध निर्माण हो चुके हैं। कई जगह तो दीवार पर ही भवन बना लिए गए हैं। कई जगह परकोटे की दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है और इसका मूल स्वरूप भी खराब हो गया है। 23 किलोमीटर की दीवार का अधिकांश हिस्सा नगर निगम के हवामहल पूर्व और पश्चिम जोन में आता है। कई स्थान से अतिक्रम को हटाया जा चुका है। कई स्थानों पर अतिक्रमण हटने बाकी हैं।

नवम्बर में मुख्य नगर नियोजक की अध्यक्षता में हुई बैठक में परकोटे की कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी दीवार के जीर्णोद्धार की योजना बनी थी। निगम ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए निविदा जारी की थी लेकिन निविदा में रिपोर्ट तैयार करने की दर 25 लाख रुपए मिली। निगम अधिकारियों का कहना है कि पहली निविदा में जो दर फर्म ने दी है वह बहुत ज्यादा है। अब फिर निविदा जारी होगी।

कैमरे में कैद हैं अतिक्रमण के हालात
अवैध निर्माण के हालात ड्रोन सर्वे में कैद हैं। इन तस्वीरों के आने के बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। ड्रोन सर्वे में एक हजार ऐसे अवैध निर्माण के गंभीर मामले सामने आए हैं जिनसे परकोटे के मूल स्वरूप को खराब किया गया है। सर्वे में अवैध निर्माण की तस्वीरों को नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल से लेकर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता और निगम अफसर कई बार देख चुके हैं। निगम चुनाव तक परकोटे में नोटिस देकर अफसर बैठे बिठाए कोई विवाद मोल नहीं लेना चाहते हैं।

राज्यस्तरीय हैरिटेज समिति में उठा था मुद्दा
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय हैरिटेज कमेटी की बैठक में हवामहल विधायक डॉ. महेश जोशी ने भी परकोटे की दीवार की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा था कि दीवार की नींव को चूहे खराब कर रहे हैं। दीवार कई जगह कमजोर हुई है। ऐसे उपाय किए जाएं कि दीवार को खोखला कर रहे चूहों से छुटकारा मिले। निगम अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनने के बाद दीवार के जीर्णोद्धार पर आने वाले खर्च का पता चलेगा। अधिकारियों का कहना है कि जीर्णोद्धार में यह ध्यान रखना भी जरूरी होगा कि दीवार के मौजूदा स्वरूप को किसी तरह का का कोई नुकसान नहीं हो। ड्रोन सर्वे में भी इस दीवार के सहारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। अब इनपर कार्रवाई की जाएगी।

- परकोटे की दीवार का जीर्णोद्धार होगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी। दीवार पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हुए हैं। जिससे मूल स्वरूप खराब हुआ है। समय समय पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाए गए हैं।
अरुण गर्ग, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम

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