छोटे बच्चों को पढ़ाने के नाम पर लाए थे लेकिन इस गंदे काम में धकेल दिया

परिजनों को इस बारे में पता चला और उन्होनें विरोध किया तो बच्चों की बात परिजनों से कराना बंद कर दिया। इसकी सूचना जब विद्याधर नगर पुलिस को लगी

By: JAYANT SHARMA

Published: 15 Sep 2020, 11:00 AM IST

जयपुर
छोटे बच्चों को पढ़ाई कराने की बात कहकर चूड़ी कारखाने के मालिक ने कुछ छोटे बच्चों को दलाल के जरिए जयपुर बुला लिया और बाद में उनसे चूड़ी बनाने के काम पर लगा दिया। परिजनों को इस बारे में पता चला और उन्होनें विरोध किया तो बच्चों की बात परिजनों से कराना बंद कर दिया। इसकी सूचना जब विद्याधर नगर पुलिस को लगी तो पुलिस ने बाल श्रम कर रहे बच्चों को मुक्त कराया। जांच कर रही पुलिस ने बताया कि अमानीशाह नाले के नजदीक एक मकान में चूड़ी बनाने के काम में छोटे बच्चों को लगाया गया था। वहां उनके हाथ भी जल गए थे और उनको समय पर खाना—पानी भी नहीं दिया जाता था। बाद में जब बच्चों से बात की गई तो बच्चों ने पूरी कहानी खोल दी। उन्होनें बताया कि पढ़ाई कराने के लिए यहां लेकर आए थे लेकिन एक दिन भी स्कूल नहीं भेजा। पुलिस अब बच्चों को उनके घर भेजने की तैयारी कर रही है।

अनलॉक के बाद बढ़ा बालश्रम
अनलॉक होने के बाद जयपुर शहर में बाल श्रम भी तेजी से बढ़ा है। जयपुर पुलिस ने डेढ़ महीने में ही करीब एक सौ पचास बच्चों को बाल श्रम करते पकडा है। उनसे जबरन काम कराया जाता था और उनको खाने के लिए भी सही भोजन नहीं दिया जाता था। अधिकतर बच्चों को चूड़ी बनाने और आरीतारी के काम मे लगाया गया था। अब पुलिस बाल श्रम करने वाले बच्चों की तलाश के लिए जयपुर शहर में खास तौर पर चारदीवारी और आसपास के क्षेत्र में अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। बाल श्रम कराने वाले करीब तीस लोगों को डेढ़ महीने में गिरफ्तार भी किया गया है।

JAYANT SHARMA Desk
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