प्रदेश का सीरियल रेपिस्ट 'जीवाणु', खासतौर पर बच्चों को बनाता है शिकार

दो मासूमों से ब्लात्कार करने वाला जीवाणु आखिर पकड़ा गया
अब तक आरोपी पर 12 केस दर्ज, छह बार जा चुका जेल
2004 में मुरलीपुरा में ब्रेड दिलाने के बहाने बच्चे से किया था कुकर्म

 

 

By: neha soni

Published: 07 Jul 2019, 02:40 PM IST

जयपुर।


जयपुर के शास्त्रीनगर थाना इलाके में पहले 7 और फिर 4 साल की दाे मासूम बच्चियाें से को शिकार बनाने वाला दुष्कर्म का आराेपी सिकंदर उर्फ जीवाणु आखिर पकड़ा ही गया। शनिवार शाम काे जयपुर पुलिस ने उसे काेटा से गिरफ्तार किया। 34 साल का यह सिरफिरा बदमाश खानाबदाेश है और जयपुर की नाई की थड़ी जयसिंहपुरा खाेर में किराये के मकान में रहता है।


2004 में बच्चे की कुकर्म के बाद टैंक में डूबोकर की हत्या

आरोपी सिकंदर उर्फ जीवाणु ने पहली बार किसी मासूम को अपनी हवस का शिकार नहीं बनाया। चौकाने वाली बात यह रही कि जीवाणु एक वायरस की तरह आदतन अपराधी है और इस तरह की वारदात कर जेल तक जा चुका है। सबसे पहले इसने 2004 में मुरलीपुरा थाना इलाके में एक बच्चे की कुकर्म के बाद उसे टैंक में डूबोकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद यह 2015 से जमानत पर बाहर आया तो रूका नहीं।



Jaipur Shastri Nagar rape accused arrested

खासतौर पर बच्चों को बनाता है शिकार

सात साल की बालिका से दुष्कर्म में पकड़े गए जीवाणु के खिलाफ 1 दर्जन मामले थानों में दर्ज है। उस पर बालक से कुकर्म, हत्या, चोरी नकबजनी, पुलिस पर हमला, छेड़छाड़ व बच्चियों से बलात्कार के आरोप हैं। आपको बता दे कुकर्म व हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी और 2015 में ही जमानत पर छूट कर आया था। 2004 में मुरलीपुरा में बालक को ले जाकर कुकर्म करने और फिर हत्या कर शव टंकी में डालने की वारदात की थी। इस रेपिस्ट पर और भी कई मामले दर्ज हैं।

 

कब- कब दिया वारदात को अंजाम


-2001 में ब्रह्मपुरी, सुभाष चौक,कोतवाली से शुरुआत

-2004 में मुरलीपुरा में 11 साल के बच्चे से कुकर्म और हत्या

- 2006 में पुलिस वैन की जाली तोड़कर भागा

- 2016 में मुरलीपुरा, विश्वकर्मा, हरमाड़ा में चोरी

- 2017 में भट्टा बस्ती में दो बच्चियों से छेड़छाड़ और पुलिस पर हमला

- 2019 में दो बच्चियों से शास्त्री नगर में बलात्कार

Jaipur Shastri Nagar rape accused arrested

'सिकंदर उर्फ माैत का कहर'

यहीं नहीं सिकंदर के घर में पुलिस काे एक काॅपी मिली। इसमें लिखा था- 'सिकंदर उर्फ माैत का कहर'। काॅपी के पहले पेज पर महिला का स्कैच बना हुआ था, जिस पर शहनाज लिखा था। इसी काॅपी के अाखिर पेज पर आरोपी ने खुद का स्कैच बना रखा था। यह खानाबदोश और सिरफिरा है। जेल से छुटने के बाद नाम बदलता रहा लेकिन काम घिनौना ही करता रहा। 2001 से यह आपराधिक वारदात कर रहा हैं।
अब तक शाकिर,कालू,जीवाणु,सिकंदर,जाहिद,आरिफ के नाम से शहर में रह चुका है।

 

सिकंदर वर्ष 2015 में जेल से जमानत पर बाहर आया ताे उसने भट्टा बस्ती इलाके में दाे बच्चियाें से छेड़छाड़ की । तब लाेगाें ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस माैके पर पहुंची ताे वह एएसआई पर सरिये से जानलेवा हमला कर भाग गया था। इसके बाद नकबजनी और बाइक चुराने के मामलों में जेल गया। इसके बाद फिर वापस छूट आया तो शास्त्रीनगर से 1 जुलाई काे वसात साल की बच्ची काे घर के पास से उठा ले गया था और अमानीशाह नाले में दुष्कर्म किया। इससे पहले नाहरगढ़ के एक पार्क से 4 साल की बच्ची से भी 22 जून काे दुष्कर्म किया था।

Jaipur Shastri Nagar rape accused arrested

सिकंदर वर्ष 2015 में जेल से जमानत पर बाहर आया ताे उसने भट्टा बस्ती इलाके में दाे बच्चियाें से छेड़छाड़ की । तब लाेगाें ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस माैके पर पहुंची ताे वह एएसआई पर सरिये से जानलेवा हमला कर भाग गया था। इसके बाद नकबजनी और बाइक चुराने के मामलों में जेल गया। इसके बाद फिर वापस छूट आया तो शास्त्रीनगर से 1 जुलाई काे वसात साल की बच्ची काे घर के पास से उठा ले गया था और अमानीशाह नाले में दुष्कर्म किया। इससे पहले नाहरगढ़ के एक पार्क से 4 साल की बच्ची से भी 22 जून काे दुष्कर्म किया था।



आखिर पुलिस की 20 से अधिक टीमों के 400 पुलिसकर्मियों ने मिलकर जीवाणु को पकड़ तो लिया लेकिन यह जीवाणु छह बार जेल जाने के बाद भी समाज से खत्म नहीं सकेगा। हालांकि पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव दावा कर रहे है कि 10 दिन के भीतर आराेपी के खिलाफ काेर्ट में चार्जशीट पेश कर उसे जल्द सख्त सजा दिलाई जाएगी लेकिन सवाल यह है कि यह जीवाणु क्या हमेशा के लिए खत्म हो पाएगा।

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