Jaipur : जानकीजी का तिरुमंजन अभिषेक, ऑनलाइन करिए दर्शन

वैशाख शुक्ल नवमी (Vaishakh Shukla Navami) पर शुक्रवार को जानकी नवमी (Janaki Navami) मनाई जाएगी। इस मौके पर श्रीराम मंदिरों में जानकी जी का पूजन-अर्चन किया जाएगा। जानकीजी के चरणों के दर्शन कराए जाएंगे। हालांकि कोरोना के चलते भक्तों का मंदिरों में प्रवेश निषेध है, श्रद्धालु ऑनलाइन ही दर्शन (Online Darshan) कर सकेंगे।

By: Girraj Sharma

Published: 20 May 2021, 10:10 PM IST

जानकीजी का तिरुमंजन अभिषेक, ऑनलाइन करिए दर्शन
— जानकी नवमीं कल, श्रीराम मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
- गलता पीठ व चांदपोल बाजार रामचंद्रजी मंदिर में मुख्य आयोजन

जयपुर। वैशाख शुक्ल नवमी (Vaishakh Shukla Navami) पर शुक्रवार को जानकी नवमी (Janaki Navami) मनाई जाएगी। इस मौके पर श्रीराम मंदिरों में जानकी जी का पूजन-अर्चन किया जाएगा। जानकीजी के चरणों के दर्शन कराए जाएंगे। हालांकि कोरोना के चलते भक्तों का मंदिरों में प्रवेश निषेध है, श्रद्धालु ऑनलाइन ही दर्शन (Online Darshan) कर सकेंगे।
मुख्य आयोजन श्रीगलता पीठ में होगा। पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य के सान्निध्य में महोत्सव पूर्ण सादगी के साथ मनाया जाएगा। माता जानकी जी का वैदिक विधि से 101 कलशों और विविध औषधियों, रसों, अनेक द्रव्यों से तिरुमंजन अभिषेक किया जाएगा। तुलसी-पुष्पों से सहस्त्रार्चन कर महाआरती होगी, भक्त सीताजी के तिरुमंजन अभिषेक, तुलसी-पुष्पों से सहस्त्रार्चन और महाआरती के दर्शन ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे। प्रवक्ता स्वामी राघवेंद्र ने बताया कि श्री गलता पीठ में मनाया जाने वाला श्री जानकी नवमी महोत्सव में भारत सहित पूरे विश्व में चल रही कोरोना महामारी से सर्वजन की रक्षा की प्रार्थना की जाएगी। सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और दीर्घायु की कामना की जाएगी।
चांदपोल बाजार स्थित ठिकाना मंदिर श्री रामचन्द्रजी में श्री सीताजी का जन्मदिवस जानकी नवमी मनाया जाएगा। महंत राधेश्याम तिवारी ने बताया-मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है। सुबह 11 बजे श्री ठाकुरजी का मंत्र उचारण, विधि विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। दुग्ध, घृत, बुरा, शहद, दही, इत्र, गुलाब, मोगरा, खस,केसर, चंदन, फल आदि से मिश्रित सुगंधित जल मेवे मिलाया हुआ दूध आदि से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रजवाड़े समय कालीन आभूषण श्रंगार, राजसी जामे आदि से श्रृंगार होगा। दोपहर 2 बजे जन्म आरती होगी, इसके बाद पंजीरी पंचामृत वितरण किया जाएगा। शाम 7 बजे संध्या आरती होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते मन्दिर के पट आम जन के लिए बंद रहेंगे। श्री रामदरबार व जानकी जी के विशेष दर्शन सोशल मीडिया पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।

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