पार्षदों का मानदेय बढ़ाने की उठी मांग, श्रेणीनुसार किया जाए पदस्थापन

राजस्थान स्वायत्त शासन संस्था की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को हुई। अध्यक्ष केवलचंद गुलेच्छा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि नगरीय निकायों के निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के मानदेय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को लिखा जाएगा, ताकि बजट सत्र में इस प्रस्ताव को शामिल किया जाए।

By: Umesh Sharma

Published: 05 Feb 2021, 05:57 PM IST

जयपुर।

राजस्थान स्वायत्त शासन संस्था की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को हुई। अध्यक्ष केवलचंद गुलेच्छा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि नगरीय निकायों के निर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के मानदेय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को लिखा जाएगा, ताकि बजट सत्र में इस प्रस्ताव को शामिल किया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार मांग की जाएगी कि नगरीय निकायों में उनकी श्रेणी के अनुसार अधिशासी अधिकारी अथवा आयुक्त का पदस्थापन किया जाए। कई बार पात्र अधिकारी से नीचे की श्रेणी के अधिकारियों के अधिशासी अधिकारी अथवा आयुक्त का चार्ज सौंप दिया जाता है, जिससे नगरीय निकायों का काम अटकता है और जनता के हितों की भी अनदेखी होती है। गुलेच्छा ने सदस्यों को गोविन्द-भवन विश्राम-गृह के निर्माण कार्य की भी जानकारी दी। बैठक में डीएलबी निदेशक दीपक नंदी, दिनेश मिश्र, कैलाश शर्मा, अब्दुल हमीद खोखर, मुबारिक मंसूरी सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

आपको बता दें कि जयपुर नगर निगम सहित कई निकायों में जूनियर अधिकारियों को उपायुक्त का पद दे रखा है। इसे लेकर कई बार शिकायतें भी की गई। अब खुद नगरीय विकस मंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर नगर निगम हैरिटेज के आयुक्त देशबंधु के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें उन्होंने आरओ को उपायुक्त पद दिया है। साथ ही भविष्य में उपायुक्त या अन्य राजपत्रित अधिकारियों का पदस्थापन करने से पहले सरकार की अनुमति लेना जरूरी होगा।

Umesh Sharma Reporting
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