JDA ने किया मुख्य सचेतक Mahesh Joshi को दरकिनार !

जोशी ने लिखा पत्र और फिर JDC हुए Alert

By: Bhavnesh Gupta

Published: 27 Nov 2019, 12:24 PM IST

भवनेश गुप्ता / जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहा जेडीए प्रशासन अब जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुन रहा है। सरकार के मंत्री, विधायक व अन्य जनप्रतिधियों को काम कराने के लिए जेडीए तक आना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला मुख्य सचेतक महेश जोशी के विधानसभा क्षेत्र का है। हवामहल विधानसभा क्षेत्र में कई कॉलोनियों का नियमन शिविर, पट्टा जारी करने, सड़क-नाला निर्माण सहित काम होने हैं। इसके लिए स्थानीय विधायक व मुख्य सचेतक महेश जोशी ने जयपुर विकास आयुक्त को पत्र भी लिखा। इसमें कार्य और उससे जुड़े अफसरों की भी जानकारी भेजी गई लेकिन एक भी काम नहीं हुआ। हाल ही जोशी खुद जेडीए पहुंचे और जेडीसी टी. रविकांत को इस मामले में नाराजगी जताई। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी थे। सूत्रों के मुताबिक जोशी ने जेडीसी को साफ कहा है कि जनप्रतिनिधयों के काम को प्राथमिकता देनी जरूरी है, क्योंकि वे जो भी कार्य सूची दे रहे हैं वे सीधे जनता से जुड़ी हुई है। इसके बाद जेडीसी ने अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) रजीव जैन को समन्वयक की जिम्मेदारी दे दी।

इन काम की फेहरिस्त सौंपी, लेकिन नहीं किए
-राजकीय प्राथमिक बालिका विद्यालय, कर्बला, रामगढ़ रोड का पट्टा जारी करना
-कृष्णा कॉलोनी, एस-2 का पट्टा व नियमन करवाना
-कृष्णा कॉलोनी, एस-3 के बकाया भूखंडों के पट्टे जारी करना
-रामगढ़ मोड से दिल्ली बायपास चूंगी तक स्थित कॉलोनियों के पट्टे देने
-हज हाउस के पास स्थित पार्क में नई लाइट लगाने
-फातिमा कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी एस-3, हजरतअली कॉलोनी, गोविन्दपुरी में पोल लगाकर लाइट लगाना
-आनंदपुरी कॉलोनी, मानबाग की सड़क निर्माण
-खोले के हनुमानजी से जलमहल को जोड़ने वाले नाले का निर्माण कार्य
-हज हाउस स्थित पार्क में वॉकिंग ट्रेक, बाउण्ड्रीवाल, रंगरोगन
-हज हाउस के पास पार्क में ओपन जिम, झूले लगवाना

खुद के सौंपे पत्र में नाराजगी नजर आई
जोशी ने जेडीसी को पत्र सौंपा। इसमें भी जोशी की नाराजगी साफ नजर आई। इसमें जोशी ने लिखा है इन कार्यों की अनुशंसा वे पहले भी कई बार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समुचित कार्यवाही नहीं हुई है। इसके बाद ही जेडीसी सक्रिय हुए और संबंधित सभी अधिकारियों को काम बांटकर समय सीमा तय कर दी।

तिजोरी में रोकड़ नहीं, इसलिए टालता रहा
जेडीए लगातार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। तिजोरी में अभी केवल 60 करोड़ रुपए है, इसलिए बेहद जरूरी काम की ही अनुमति दी जा रही है। अभी न तो भूखंड बिक रहे हैं और न ही नियमन शिविर लगाए जा रहे हैं। जबकि, जेडीए की आय का ही यही मुख्य स्त्रोत है। अभी जेडीए ने 7 बड़े प्रोजेक्ट के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) से लोन ले रखा है और हर माह मोटी राशि लोन व ब्याज चुकान में जा रही है।

एनसीआरपीबी से इन प्रोजेक्ट को लोन..
प्रोजेक्ट——————निर्माण लागत————लोन स्वीकृत
एलीवेटेड रोड———— 250 करोड़——————187 करोड़
सीतापुरा आरओबी—— 116 करोड़—— 79 करोड़
दांतली आरओबी——— 100 करोड़—— 59.92 करोड़
जाहोता आरओबी—— 76 करोड़——— 57 करोड़
बस्सी आरओबी——— 57.50 करोड——35.50 करोड़
आनंदलोक अण्डरपास—— 29 करोड़ — 22 करोड़
द्रव्यवती नदी———— 1470 करोड़ ——1098 करोड़

Bhavnesh Gupta Reporting
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