JDA अब उठाने जा रहा ये कठोर कदम, निर्माण करने से पहले सोच ले एक बार

जेडीए ( JDA ) ने अवैध निर्माण ध्वस्त ( Illegal Construction ) करने के साथ ही आर्थिक सख्ती करना भी शुरू कर दिया है। जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का पूरा खर्चा अवैध निर्माणकर्ता से वसूलना शुरू कर दिया है...

जयपुर। जेडीए ( JDA ) ने अवैध निर्माण ध्वस्त ( illegal construction ) करने के साथ ही आर्थिक सख्ती करना भी शुरू कर दिया है। जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का पूरा खर्चा अवैध निर्माणकर्ता से वसूलना शुरू कर दिया है। अभी तक दो अवैध निर्माणकर्ताओ को रिकवरी नोटिस देकर 20 लाख रुपए से ज्यादा की राशि वसूली है। प्रवर्तन शाखा के अफसरों के अनुसार अब तक अवैध निर्माण को ही ध्वस्त किया जाता था। अवैध निर्माणकर्ता को किसी तरह का रिकवरी नोटिस नहीं दिया जाता था। अब इन निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जेसीबी सहित अन्य मशीन और दस से पन्द्रह मजदूर की जरूरत होती है। साथ ही प्रवर्तन शाखा के पुलिसकर्मी, जेडीए के सुरक्षाकर्मी भी इनमें होते हैं। प्रवर्तन शाखा के अनुसार इस पूरे लवाजमें पर प्रतिदिन का हजारोंं रुपए का खर्च होता है। अब अवैध निर्माणकर्ता को ये खर्च अपने जेब से देना है।

अवैध निर्माण को ध्वस्त करने करने के प्रवर्तन शाखा की टीम पृथ्वीराज नगर साउथ में गई थी। वहां सरस्वती एनक्लेव में अवैध निर्माण ध्वस्त किया था। उसे 4 लाख रुपए की रिकवरी का नोटिस दिया था। इसी तरह दिल्ली रोड पर एक कॉलेज में अवैध निर्माण तोड़ा गया। वहां से भी रिकवरी नोटिस के जरिए अवैध निर्माणकर्ता से 17 लाख रुपए से ज्यादा की राशि वसूली गई।

- अवैध निर्माण ध्वस्त करने पर जेडीए को काफी खर्च उठाना पड़ता है। खर्च की राशि अवैध निर्माणकर्ताओं से रिकवरी नोटिस देकर वसूली जा रही है। दो मामलों में 20 लाख से ज्यादा की वसूली हो चुकी है। जल्द ही और भी रिकवरी नोटिस देंगे।
रघुवीर सैनी, मुख्य नियंत्रक, प्रवर्तन शाखा, जेडीए

दूसरे दिन 3 की जगह 5 लोखंडा मशीन और दुगने मजदूर लगाए
वहीं इधर सांगानेर में सांगासेतु पुलिया से पहले मुख्य सडक़ पर व्यवसायिक कॉम्पलेक्स में बिना अनुमति बनाई चौथी मंजिल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने ध्वस्तीकरण के लिए 3 की जगह 5 लोखंडा मशीनें और मजदूरों की संख्या दुगनी कर कर अवैध निर्माण को शाम तक पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। प्रर्वतन शाखा के मुख्य नियंत्रक रघुवीर सैनी ने बताया कि इस अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के बाद क्षेत्र के लोगों से अवैध रूप से बन रहे कॉम्पलेक्स और भवनों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। ठोस जांच के बाद तत्काल अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। सैनी ने बताया कि इस व्यवसायिक कॉम्पलेक्स में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने में जितना खर्चा जेडीए का हुआ है उसकी गणना कर कॉम्पले क्स मालिक को रिकवरी नोटिस दिया जाएगा।

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