साधारण परिवार से निकले व्यक्ति ने बसाया ‘इंटरनेट पर संसार’

जिमी ने अंग्रेजी वेबसाइट के रूप में विकीपीडिया को शुरू किया था, उसमें आज 287 भाषाओं में लेखों की संख्या दो करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है

By: Archana Kumawat

Updated: 18 Apr 2020, 05:52 PM IST

इस व्यक्ति का जन्म 1966 में अमरीका के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। पिता किसी दुकान पर मुनीम का काम करते तो मां एक छोटे से कमरे में स्कूल चलाती थी। जब इनके स्कूल जाने का समय आया तो किसी बड़ी स्कूल में दाखिला करवाने के बजाय मां ने उन्हें अपनी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। तीन भाई-बहिनों के साथ यह भी एक कमरे के स्कूल में पढऩे लगे थे। जब वह नहीं जानते थे कि मां की स्कूल के अलावा भी कोई और स्कूल होती है। जब मां दूसरे बच्चों तो ध्यान देती तो इन्हें कुछ पढऩे के लिए दे देती। इस तरह बचपन में ही किताबों से प्यार हो गया था। ज्यादा से ज्यादा जानने के बारे में दिलचस्पी लेने लगे थे। आगे की शिक्षा मां के स्कूल से नहीं हो सकती थी। स्कूल कैसे होते हैं, यह इन्हें अब समझ में आया। पिता के कामकाज ने भी इन्हें प्रभावित किया। इसी वजह से उन्होंने कॉमर्स विषय के साथ स्कूल की पढ़ाई पूरी की और ग्रेजुऐशन और पोस्ट ग्रेजुऐशन के लिए भी यही विषय चुना।
फाइनेंस कंपनी में मिली पहली नौकरी
विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी होने के बाद एक फाइनेंशियल कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया और उन्हें नौकरी मिल गई। कुछ समय बाद ही इन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और कई वर्षों तक शिकागो में एक फर्म के शोध निदेशक के रूप में काम किया। कॅरियर के इन शुरुआती सालों में उन्हें इंटरनेट की दुनिया बड़ी पसंद आई। बचपन से ही नई-नई चीजों को जानने की उत्सुकता रही थी, इसलिए इंटरनेट पर भी कुछ न कुछ जानकारी जुटाने का ही प्रयास किया करते थे। अब नौकरी से बोरियत होने लगी थी और उन्होंने इंटरनेट की दुनिया में अपना भविष्य संभावना तलाशना शुरू कर दिया।
कुछ अलग करने की चाह ने बदला जीवन
कुछ नया करने की चाह में उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इंटरनेट संस्था की शुरुआत की। उनका काम लोगों को उनकी रुचि के अनुसार पढऩे का कंटेंट उपलब्ध करवाना था लेकिन उनका सपना तो इससे कहीं आगे था। वे चाहते थे कि ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया बनाया जाए। इस काम के लिए उन्होंने अपने एक दोस्त की मदद ली और इस आइडिया पर काम करना शुरू किया। लेकिन प्रोजेक्ट को सफलता नहीं मिली। आय का अच्छा स्रोत न होने के कारण इंटरनेट प्रोजेक्ट को चलना मुश्किल हो गया। बाद में एक अन्य साथी ने मदद की और उन्होंने प्रोजेक्ट को नया नाम दिया। अब इसे नॉन प्रोफिट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में स्थापित किया। ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को इस ऑर्गेनाइजेशन से जोडऩे के लिए उन्होंने लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि वे खुद इस पर लेख लिख सकते हैं। इसके बाद तो यह प्रोजेक्ट खूब चल पड़ा और अब तक करोड़ों की संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि विकीपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स हैं। जिमी ने अंग्रेजी वेबसाइट के रूप में विकीपीडिया को शुरू किया था, उसमें आज 287 भाषाओं में लेखों की संख्या दो करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है। जिमी और उनकी साथियों ने विकीपीडिया और अन्य 15 प्रकल्पों को विकीमीडिया के रूप में संगठित किया। उनका यह ऑनलाइन फ्री एनसाइक्लोपीडिया दुनिया की 5वीं सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेबसाइट है।

Archana Kumawat Desk
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