कोविड19:जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने दिए ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

(J&K HIghcourt) जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने (UT) केन्द्र शासित प्रदेश (J&K and Laddakh)जम्मू-कश्मीर और लदाख के प्रशासन को (Covid19) कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए (Travel History) यात्रा की हिस्ट्री छिपाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार (Action) कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर,26 मार्च
(J&K HIghcourt) जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने (UT) केन्द्र शासित प्रदेश (J&K and Laddakh)जम्मू-कश्मीर और लदाख के प्रशासन को (Covid19) कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए (Travel History) यात्रा की हिस्ट्री छिपाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार (Action) कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस राजेश बिंदल ने स्वप्रेरणा से दर्ज प्रसंज्ञान पर यह निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कुछ लोगों के आवश्यक क्वाराइटाईन में रहने के बचने के लिए जानबूझकर अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने की खबरों पर यह प्रसंज्ञान लिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह बेहद खतरनाक है क्यों कि ऐसे कुछ लोग संक्रमित पाए गए हैं और इस कारण उनका संक्रमित होने का पुख्ता पता चलने तक सरकार को उनके संपर्क में आने वालों का पता लगाने में अपने बहुत से संसाधन झोंकने पडते हैं। ऐसे लोगों के कारण कोरोना संकमितों की संख्या में गुणात्मक बढोतरी का खतरा है।
कोर्ट ने जम्मू—कश्मीर और लदाख में बडी संख्या में पर्यटन और धार्मिक स्थल होने के कारण इन स्थानों पर सोश्यिल डिस्टेसिंग बनाए रखने की जरुरत बताई है। इस पर केन्द्र शासित प्रदेश के हैल्थ व मेडिकल डिपार्टमेंट के वित्तीय आयुक्त ने कोर्ट को बताया कि श्रीमाता वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड ने मंदिर तक आने वाली यात्रा स्थगित कर दी है। इसके साथ ही सभी धार्मिक नेताओं को धार्मिक गतिविधियां स्थगित करने की सलाह दी गई है। कोर्ट ने ओल्ड ऐज होम,अनाथालयों,नारी निकेतन,बाल आश्रम,नेत्रहीन स्कूल आदि में रहने वालों की अच्छी तरह से देखभाल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इसके साथ ही कच्ची बस्तियों में रहने वालों और घर विहीन लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करेन के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने निगरानी सेंटर और किशोन न्याय बोर्ड में वीडिया कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने और इसके लिए जल्द से जल्द वित्तीय स्वीकृति देने को कहा है। कोर्ट में किसी बंदी के संक्रमित होने की आशंका पर जेल में आईसोलेशन वार्ड और इलाज की व्यवस्थाओं पर डीजी जेल को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने दोनों केन्द्र प्रशासित प्रदेश के प्रशासन केा नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट—2005 का अध्ययन करने और इसके अनुसार उचित कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने लदृदाख प्रशासन को जम्मू—कश्मीर के समान एपिडेमिक डिजीज कोविड—19 रेग्यूलेशन—2020 के समान कानून बनाकर लागू करने की जरुरत पर भी विचार करने केा कहा है। मामले में अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।

Mukesh Sharma
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