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जोधपुर का ड्रोन करेगा कश्मीर में आतंकियों की सफाई

कश्मीर हो या फिर पूर्वोत्तर। छत्तीसगढ़ हो या फिर जम्मू का सरहदी इलाका। भारत के खिलाफ साजिश रचने वाला कोई भी अब जोधपुर की चिड़िया से बच नहीं पाएगा। कोई भी हरकत आतंकी, उग्रवादी या फिर नक्सली करते हैं तो वह इसकी आंख में कैद हो जाएगा और फिर वही होगा जो पुलवामा मुठभेड़ में पिछले दिनों भारतीय सैन्य बलों ने आतंकियों के साथ किया था।

जयपुर

Published: April 30, 2022 07:49:42 pm

जोधपुर. कश्मीर हो या फिर पूर्वोत्तर। छत्तीसगढ़ हो या फिर जम्मू का सरहदी इलाका। भारत के खिलाफ साजिश रचने वाला कोई भी अब जोधपुर की चिड़िया से बच नहीं पाएगा। कोई भी हरकत आतंकी, उग्रवादी या फिर नक्सली करते हैं तो वह इसकी आंख में कैद हो जाएगा और फिर वही होगा जो पुलवामा मुठभेड़ में पिछले दिनों भारतीय सैन्य बलों ने आतंकियों के साथ किया था।
जोधपुर आईआईटी ने भारतीय सैन्य बलों के सफल आपरेशन के लिए हिंदी फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक में दिखाए गए बर्ड ड्रोन की तरह ड्रोन तैयार किया है। यह न केवल दुश्मन को चकमा देगा बल्कि बेहद कम समय में तेजी से भारतीय सीमा और एलओसी पर हो रहे साजिशों का खुलासा भी करेगा।
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jodhpur iit drone help indian army in killing of terrorist

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइटी जोधपुर में इसकी टेस्टिंग की जा रही है। ड्रोन का पक्षी के रूप में शरीर है जो लेपिंग विंग की सहायता से उड़ान भरता है। ड्रोन बनाने में विशेष टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। मैकेनिकल विभाग ने विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए हेलीकॉप्टर ड्रोन बनाए गए हैं। अब पूरा फोकस बर्ड ड्रोन पर है।

उरी के तरह है ड्रोन
2019 में आई फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक देखी ही होगी। नहीं देखी तो आप देख लिजिए। इससे आपको आईआईटी जोधपुर की ताकत अंदाजा हो जाएगा। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह से भारतीय सेना गरुड़ पक्षी के समान एक ड्रोन की सहायता से पाक अधिकृत कश्मीर में दाखिल होती है और फिर बर्ड ड्रोन की सहायता से आतंकी ठिकाने तक पहुंचती है। ऐसा ही मिलता जुलता ड्रोन अब आईआईटी ने तैयार किया है।

गन से उड़ा दिए जाते हैं हेलीकॉप्टर ड्रोन
वर्तमान में दुनिया भर में हेलिकॉप्टर ड्रोन मौजूद हैं। जो चार किनारों पर लगे चार पंखों की सहायता से उड़ान भरते हैं। सर्विलांस के दौरान दुश्मन देश की सीमा में घुसने पर हेलिकॉप्टर ड्रोन की आसानी पहचान हो जाती है और वे सैनिकों द्वारा मार गिरा दिए जाते हैं। ऐसे में नुकसान भी होता है और सूचना भी नहीं मिल पाती है।
ड्रोन परीक्षण जारी है
आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. शांतनु चौधरी बताते हैं कि संस्थान ने बर्ड ड्रोन तो तैयार कर लिया है लेकिन अभी पूरी तरह से इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। कुछ परीक्षण जारी है। इसके सफल होते ही इस ड्रोन को देश के सामने इस्तेमाल के लिए रख दिया जाएगा।
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Anand Mani Tripathi

आनंद मणि त्रिपाठी राजस्थान पत्रिका में राजनीति, अपराध, विदेश, रक्षा एवं सामरिक मामलों के पत्रकार हैं। पत्रकारिता के तीनों माध्यम प्रिंट, टीवी और आनलाइन में गहरा और अपनी तेज तर्रार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में जन्म हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कानपुर और बस्ती में हुई। माध्यमिक शिक्षा नवोदय विद्यालय बस्ती, फैजाबाद और पूर्वोत्तर त्रिपुरा के धलाई जिले में हुई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से स्नातक और 2009 में जेआईआईएमसी,दिल्ली से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया। हरियाणा से पत्रकारिता आरंभ की। शिक्षा, विज्ञान, मौसम, रेलवे, प्रशासन, कृषि विभाग और मंत्रालय की रिपोर्टिंग की। इंवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग से शिक्षा और रेलवे विभाग के कई भ्रष्टाचार का खुलासा किया। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संवाददाता पाठयक्रम-2016 पूरा किया। इसके बाद रक्षा मामलों की पत्रकारिता शुरू कर दी। चीन, पाकिस्तान और कश्मीर मामलों पर तीक्ष्ण नजर रहती है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या 2017, राइफलमैन औरंगजेब की हत्या 2018, जम्मू—कश्मीर में बदले 2018 में बदले राजनीतिक समीकरण, पुलवामा हमला 2019, कश्मीर से 370 का हटना, गलवान घाटी मुठभेड़ 2020 को बेहद करीब से जम्मू और कश्मीर में रहकर ही कवर किया। कोरोना काल 2020 में भी लददाख से नेपाल तक की यात्रा चीन के बदलते समीकरण को लेकर की। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब की रिपोर्टिंग की। 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या मामले में आए फैसले की अयोध्या से कवर किया। 2022 उत्तरप्रदेश् चुनाव को सहारनपुर से सोनभद्र तक मोटर साइकिल के माध्यम से कवर किया। पत्रकारिता से इतर आनंद मणि त्रिपाठी को संगीत और पर्यटन का जबरदस्त शौक है। इन्हें किसी भी कार्य में असंभव शब्द न प्रयोग करने के लिए जाना जाता है...

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