scriptJufa can stop dry cough from poisonous air | जहरीली हवा से सूखी खांसी को रोक सकती है जूफा | Patrika News

जहरीली हवा से सूखी खांसी को रोक सकती है जूफा

प्रदूषण की वजह से लोगों को खांसी के साथ कफ आने की दिक्कत, आयुर्वेद में जूफा सहित अन्य जड़ी बूटियों का अहम असर, अखिल भारतीय आयुर्वे‌द संस्थान ने दिया

जयपुर

Published: November 17, 2021 10:46:01 pm

नई दिल्ली/ जयपुर. वायु प्रदूषण की वजह से इन दिनों बड़ी संख्या में लोगों को अचानक सूखी खांसी हो रही है। घर या ऑफिस में बैठे-बैठे भी लोग दिन में करीब 20 से 25 बार खांस रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों को जूफा और अन्य जड़ी बूटियों के जरिए बचाव हो सकता है। आयुर्वेद में इन औषधियों के जरिए प्रदूषित कणों से बचाव की जानकारी भी दी हुई है।
जहरीली हवा से सूखी खांसी को रोक सकती है जूफा
जहरीली हवा से सूखी खांसी को रोक सकती है जूफा
नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित अखिल भारतीय आयुर्वे‌द संस्थान (एआईआईए) के विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाके में मिलने वाली जूफा औषधि प्रदूषण या फिर प्रदूषित कणों से बचाव में काफी बेहतर काम करती है। जूफा के साथ तुलसी, लौंग, वासा, पिपलि, गोजिहा, दालचीनी, कटेली, बहेडा, अंजीर, उनाब इत्यादि के मिश्रण का सेवन करने से खांसी और कफ से आराम मिल सकता है। इन्हीं औषधियों को मिलाकर तैयार किए गए आयुर्वेदिक सीरप ज्यूफेक्स फोर्टे का भी उपयोग किया जा सकता है जिसका सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है।
दरअसल दिल्ली-एनसीआर में हवा बेहद खराब बनी हुई है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि लोगों को इससे बचाव के लिए सतर्कता बरतनी जरूरी है। डॉक्टरों का मानना है कि मरीज सूखी खांसी से परेशान हैं, इनमें से ज्यादात्तर लोग वहीं हैं जिनका वास्ता दिल्ली की खुली हवा से ज्यादा रहता है। इन्हें दोपहिया वाहनों पर नौकरी के चलते फील्ड जॉब करनी पड़ रही है। अगर तीन दिन तक खांसी से आराम नहीं मिल रहा है तो लोगों को तत्काल चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।
प्रशांत विहार स्थित निगम के आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर बताते हैं कि जूफा, तुलसी, भृंगराज इत्यादि औषधि कफ को बाहर निकालने में मदद करती हैं। साथ ही इन औषधियों से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। वहीं एआईआईए के वरिष्ठ डॉ. शांतनु कुमार बताते हैं कि इस समय दिल्ली के प्रदूषण से लोग एंटी एलर्जी के शिकार हो रहे हैं। इसमें खांसी, कफ, बुखार, सिरदर्द इत्यादि लक्षण आते हैं। अगर जल्द ही इनका उपचार नहीं किया तो ये संक्रमण में तब्दील हो सकती हैं। दूध या चाय में हल्दी, तुलसी, अदरक, लोंग, काली मिर्च उबालकर पीने से गले की खराश ठीक हो जाएगी और प्रदूषित कण भी शरीर से बाहर निकल जाएंगे।

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