कारगिल की कहानियां: दुश्मन की गद्दारी का मरुधरा के इन रणबांकुरों ने यूं दिया था जवाब कि पूरी दुनिया थरथरा उठी थी

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

By: Nidhi Mishra Nidhi Mishra

Published: 24 Jul 2018, 06:44 PM IST

जयपुर। 26 जुलाई 1999... भारतीय इतिहास में वो स्वर्णिम दिन, जब दुश्मन की गद्दारी का हिंदुस्तानी फौज के जांनिसारों ने यूं जवाब दिया कि पूरी दुनिया थरथरा उठी... मां भारती के रणबांकुरे रणचंडिका की वेदी पर शत्रु मुण्डों की माला चढ़ा कर जीत की कहानी लिख रहे थे। आपको ये मालूम होना चाहिए कि कारगिल युद्ध में मां भारती के ललाट पर विजय का रक्त चंदन लगाने वाले हमारे लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धा वीरगति को प्राप्त हो गए और 1300 से ज्यादा घायल हो गए। इनमें से ज्यादातर वो शूरवीर थे, जो अपने जीवन के 30 बसंत भी पार नहीं कर पाए थे... मां भारती के इन सपूतों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान की उस परम्परा को निभाया, जिसकी कसम हर सिपाही तिरंगे के सामने खाता है। कारगिल विजय दिवस वो दिन है, जब आप उन शहीदों को याद कर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर सकते हैं, जिन्होंने हंसते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी और उफ तक नहीं किया।

 

 

बताते चलें कि इस दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय‘ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त करा लिया था। उन्हीं शहीदों को अमर करने के लिए 26 जुलाई अब हर साल कारगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता का अपना ही मूल्य होता है, जो वीरों के रक्त से चुकाया जाता है। राजस्थान के रणबांकुरों ने भी कारगिल युद्ध में अपने युद्ध कौशल और वीरता का पूरे जोश के साथ परिचय दिया। पत्रिका डॉट कॉम 'करगिल की कहानियां' के जरिए आपको बता रहा है कि राजस्थान की माटी में जन्मे वो वीर सपूत कौन थे, जिन्होंने हमारे आने वाले कल के लिए अपना आज न्यौछावर कर दिया...

 

पढ़ें मां भारती के रणबांकुरों की शौर्यगाथा- करगिल की कहानियां


कारगिल में शहीद हुए हमारे जवान


1. हवलदार शीश राम गिल— 9 जुलाई 1999, वीर चक्र सम्मानित, विशनपुरा, झुंझुनूं, 8 जाट रेजिमेंट

2. सूबेदार भंवर लाल भाकर, वीर चक्र सम्मानित, ठेबारी, नागौर, 13 जून, 1999, 2 राजपुताना राइफल्स

3. सूबेदार हरफूल कुलहरी, त्रिलोकी का बास, 30 मई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

4. लांस नायक खड़ग सिंह, नांगली गुजरान, झुंझुनूं, 6 मई 1999, 12 जाट रेजिमेंट

5. सेपॉय रनवीर सिंह, मैनपुरा, झुंझुनूं, 30 मई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

6. सेपॉय विजयपाल सिंह, ढाका की ढाणी, झुंझुनूं, 10 जून, 1999, 17 जाट रेजिमेंट

7. नायक रामस्वरूप मुंडारिया, बिसाउ, झुंझुनूं, 7 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

8. सेपॉय हवा सिंह, बसमाना, झुंझुनूं, 7 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

9. सेपॉय नरेश कुमार, भालोथ, झुंझुनूं, 7 जुलाई, 1999, 17 जाट रेजिमेंट

10. हवलदार मणि राम महला, सिथल, झुंझुनूं, 3 जुलाई 1999, जाट रेजिमेंट

11. सेपॉय श्योदान राम बिजारनिया, हरिपुरा, सीकर, 7 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

12. लांस नायक दया चंद जाखड़, रहणवा, सीकर, 12 जून 1999, 4 जाट रेजिमेंट

13. सेपॉय विनोद कुमार नागा, रामपुरा, सीकर, 30 मई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

14. सेपॉय बनवारी लाल बगरिया, सिग्दोला छोटा, सीकर, 15 मई 1999, 4 जाट रेजिमेंट

15. सेपॉय गणपत सिंह ढाका, सिहोत छोटी, सीकर, 27 जुलाई 1999, 16 ग्रनेडियर्स

16. सेपॉय मूला राम बिदियासर, काठोती, नागौर, 15 मई 1999, 4 जाट रेजिमेंट

17. सेपॉय अर्जुन राम बसवाना, बुधि, नागौर, 15 मई 1999, 4 जाट रेजिमेंट

18. नायक प्रभु राम चोटिया, इंदास, नागौर, 13 जून 1999, 18 ग्रेनेडियर्स

19. सेपॉय हीरा सिंह पूर्वांशी, मुकुंदपुरा, जाट नागला, करौली, 21 जून 1999, 4 जाट रेजिमेंट

20. सोहन सिंह सोलंकी, महू खास, करौली, 4 अगस्त 1999, 4 राजपुताना राइफल्स

21. सेपॉय भीखा राम चौधरी, पातासर, बाड़मेर, 15 मई 1999, 4 जाट रेजिमेंट

22. लांस हवलदार महेंद्र सिंह गोदारा, सूरतपुरा, चुरू, 12 जून 1999, 4 जाट रेजिमेंट

23. सेपॉय शीश राम निमार, सेनामेडल से सम्मानित, नौरंगपुरा, 6 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

24. सेपॉय राज कुमार पूनिया, भैंसली, चुरू, 24 मई 1999, 18 ग्रेनेडियर्स

25. लांस नायक विनोद कुमार कटेवा, हरपलु टाल, चुरू, 13 जून, 1999, 18 ग्रेनेडियर्स

26. सेपॉय बजरंग लाल नैन, सुलखनिया, चुरू, 22 जून, 1999, 224 मीडियम रेजिमेंट, 28 राष्ट्रीय राइफल्स

27. हवलदार भगवान सिंह, अभउर्रा, भरतपुर, 7 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

28. वीरेंद्र सिंह, अजान, भरतपुर, 11 राजस्थान राइफल्स

29. सेपॉय कालू राम जाखड़, खैरी चारणान, 4 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

30. सेपॉय करण सिंह, रायपुर, राणोथ, अलवर, 6 जुलाई 1999, 17 जाट रेजिमेंट

31. सेपॉय वेद प्रकाश, मोहम्मदपुर, अलवर

32. सैनिक श्रवण सिंह शेखावत, सेना मेडल विजेता, आंतरी, सीकर, 4 मई 1999, 12 राजपूत रेजिमेंट

33. लेफ्टिनेंट अमित भारद्वाज, जयपुर, 17 मई 1999, 4 जाट रेजिमेंट


इन जिलों की माटी को किया गौरवान्वित

झुंझुनूं— 22

सीकर— 07

चूरू—07

नागौर—07

अलवर—03

जयपुर—02

पाली—01

बाड़मेर—01

सवाईमाधोपुर—01

जोधपुर—01

सबसे ज्यादा वीर सपूत शेखावाटी ने पैदा किए। गौर करने वाली बात है कि कारगिल युद्ध को फतह करने में जाट रेजिमेंट का अहम योगदान रहा। कई वीर योद्धा जाट रेजिमेंट में तैनात थे।

Nidhi Mishra Nidhi Mishra
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned