बिना वीजा हर दिन करतापुरा जाएंगे 5000 श्रद्धालु

Anand Kumar

Updated: 14 Jul 2019, 06:28:31 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने करतारपुर गलियारे को चालू करने, उससे संबंधित तकनीकी मामलों और इस संबंध में मसौदा समझौते पर चर्चा करने के लिए रविवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई। इस बैठक में भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा फ्री एंट्री देने पर पाकिस्तान सहमत हो गया है। इसके अलावा OCI कार्ड धारकों को भी वीजा फ्री एंट्री मिलेगी। वहीं हर दिन 5000 तीर्थयात्रियों की एंट्री पर भी पाकिस्तान सहमत हो गए, पहले वह 700 तीर्थयात्रियों की बात कर रहा था। भारत विरोधी गतिविधियों को इजाजत न देने पर भी पाक ने सहमति दे दी। भारत ने इस मामले में पाकिस्तान को एक डोजियर सौंपा है। इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि बैठक में रावी नदी पर पुल बनाने की भारत की मांग को पाकिस्तान ने सैद्धांतिक तौर पर सहमति दे दी। साथ ही भारत की ओर से कहा गया कि आस्था के आधार पर तीर्थयात्रियों से भेदभाव नहीं होना चाहिए। भारतीयों के साथ भारतीय मूल के तीर्थयात्रियों को भी हो इजाजत दी जाए। यह गलियारा सिख श्रद्धालुओं के लिए गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक साहिब से पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरूद्वारा दरबार साहिब तक जाना सुगम बनाएगा. वे इस गलियारे के माध्यम से बिना वीजा के आवागमन कर सकेंगे। उन्हें करतारपुर साहिब जाने के लिए केवल एक परमिट लेना होगा. करतारपुर साहिब को सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव ने 1522 में स्थापित किया था। ऐतिहासिक गलियारे की कार्यप्रणालियों को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान और भारत के बीच पहली बैठक मार्च में अटारी में ऐसे समय में हुई थी जब पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान इस गलियारे के निर्माण के लिए सहमत हुए थे। गुरदासपुर जिले में 26 नवंबर को और इसके दो दिन बाद पाकिस्तान के नारोवाल में इस गलियारे की आधारशिला रखी गई थी। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दूसरी वार्ता रविवार को शुरू हुई। इसके लिए दोनों देशों के 20-20 अफसर वाघा बॉर्डर पहुंचे। भारतीय प्रतिनिधि मंडल की अगुआई गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास और पाकिस्तानी दल की अगुआई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने की। बैठक से पहले फैसल ने कहा कि पाकिस्तान इस कॉरिडोर के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गुरुद्वारे का 70% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। मोदी सरकार की सत्ता में वापसी के बाद यह पहली और अब तक पाकिस्तान के साथ दूसरे दौर की वार्ता है। इससे पहले 14 मार्च को दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ड्राफ्ट एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया था। भारत कॉरिडोर के निर्माण पर 500 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसके जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाईटेक सिक्युरिटी, सर्विलांस सिस्टम, 5000 से लेकर 10 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम किए जाएंगे। आपको बता दें करतारपुर कॉरिडोर पंजाब में गुरदासपुर से तीन किमी दूर भारत-पाकिस्तान की सीमा से लगा होगा। सिख श्रद्धालु इस कॉरिडोर से पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधे दर्शन के लिए जा सकेंगे। यहीं पर 1539 में गुरू नानक देव ने अपना आखिरी वक्त गुजारा था। कॉरिडोर के गुरू नानक देव की 550वीं वर्षगांठ से पहले 31 अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है।

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