राजस्थान : एक तरफ विधानसभा तो दूसरी तरफ चलेगी किसान संसद, जानें क्या रहेगा ख़ास?

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में जारी है किसान आंदोलन, अब जयपुर में जुटेगी किसान संसद- बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजन, देश भर के किसान प्रतिनिधि होंगे शामिल- शुरू हुआ पहुंचने का सिलसिला, संसद की तर्ज पर होंगे विभिन्न सत्र- उठेंगे जनहित के मुद्दे, केंद्रीय कृषि कानून के विभिन्न पहलुओं पर रहेगा फोकस

 

By: Nakul Devarshi

Published: 14 Sep 2021, 02:33 PM IST

जयपुर।

विधानसभा सत्र के बीच अब जयपुर में बुधवार को किसान संसद बैठने जा रही है। दरअसल, केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध जारी किसान आंदोलन की श्रृंखला के तहत देश के विभिन्न राज्यों से किसान प्रतिनिधि बुधवार को जयपुर में एकजुट होंगे। ये सभी प्रतिनिधि यहां बतौर 'किसान सांसद' यहां बिड़ला ऑडिटोरियम में बुलाई गई किसान संसद में शामिल होंगे।

 

ख़ास बात ये है कि किसान संसद का आयोजन पूरी तरह से एक संसद सत्र की तरह रखा जा रहा है। इसके तहत सदन की कार्यवाही प्रश्न काल से शुरू होगी और फिर शून्य काल व अन्य गतिविधियां होंगी।सदन की बैठक व्यवस्था में 'हां' पक्ष और 'ना' पक्ष भी नज़र आएगा।

 

उठेंगे कृषि कानून सहित अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे
प्रदेश किसान संघर्ष समिति के संयोजक हिम्मत सिंह गुर्जर के अनुसार किसान संसद में प्रमुख रूप से केंद्रीय कृषि कानूनों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके अलावा बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण सहित जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठेंगे। इन सभी मुद्दों पर किसान सांसद अपना पक्ष रखेंगे।

 

उन्होंने कहा कि किसान संसद में 543 लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए एक विशेष प्रक्रिया से चयनित किसान सांसद किसान संसद का हिस्सा बनेंगे।

 

देश भर से पहुंचेंगे किसान प्रतिनिधि
किसान संसद में शामिल होने के लिए प्रमुख रूप से पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित अन्य राज्यों से किसान प्रतिनिधि पहुंचेंगे। किसान नेता राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह हालांकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के कारण किसान संसद में शामिल नहीं हो सकेंगे, लेकिन यहां पहुँचने वाले अन्य नेताओं में बलवीर राजेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, जोगिन्दर सिंह उगराहा, बूटा सिंह बुर्जगिल, डॉ दर्शन पाल, रुल्दू सिंह मानसा, सुरजीत सिंह फूल, मंजीत सिंह राय, अभिमन्यु कोहाड़, सुरेश खोत, गुरुनमित मांगट, आत्मजीत सिंह, चिडियाला साब और अमरजीत मोरी शामिल हैं।

 

जयपुर पहुंचने का सिलसिला जारी
किसान संसद के लिए किसान प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।सभी किसान प्रतिनिधियों के आज देर रात तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।विभिन्न किसान संगठनों के प्रमुख किसान नेताओं के अलावा विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे किसान प्रतिनिधियों को ठहराने की व्यवस्था स्थानीय किसान संगठनों ने ही की है।

 

करना होगा कोरोना गाइडलाइंस का पालन
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने किसान संसद के आयोजन को लेकर हाल ही में अनुमति जारी की है। इसमें आयोजनकर्ताओं से कोविड-गाइडलाइंस की कई शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

... इसलिए बुलाई गई किसान संसद
किसान नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने बताया कि किसान विरोधी कृषि कानूनों के विरोध में देश के 500 से ज़्यादा किसान संगठनों के नेतृत्व में लाखों किसान करीब एक वर्ष से आंदोलनरत हैं। वहीं पिछले करीब 9 महीनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चारों बॉर्डरों पर हर विपरीत परिस्थितियों के बाद भी शांतिपूर्ण आंदोलन में डटे हुए हैं। यही वजह है कि इन कानूनों के किसान विरोधी पहलुओं को देशवासियों तक पहुंचाने की ज़रुरत है। इसी मकसद से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए किसान संसद का आयोजन किया जा रहा है।

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