Lunar Eclipse July 2020: 5 जुलाई को साल का तीसरा चंद्र ग्रहण, दुनिया में मचेगी उथल-पुथल !

उपच्छायी होने से नहीं होगा धार्मिक असर

पहले भी लग चुका है गुरु पूर्णिमा के दिन ग्रहण

By: SAVITA VYAS

Published: 04 Jul 2020, 07:51 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। कोरोना महामारी के बीच एक ही महीने में एक के बाद एक ग्रहण का लगना शुभ संकेत नहीं है। ज्योतिष अनुसार एक महीने के अंतराल में तीन ग्रहण पड़ना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं 5 जून से 5 जुलाई के बीच में तीसरा ग्रहण है। माना जा रहा है कि इसके प्रभावों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी ग्रहण का प्रभाव कम से कम छह महीने तक रहता है। सूर्य ग्रहण के बाद गुरु पूर्णिमा पर साल का तीसरा उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगने वाला है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने से ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके समय और सूतक काल को लेकर लोगों में काफी असमंजस बना हुआ है। आपको बता दें इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा यानि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे। पूजा पाठ और भोजन से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे। हालांकि फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन करना उचित है।
भारतीय समयानुसार ग्रहण दिन के समय में लग रहा है। जिसकी शुरुआत 5 जुलाई की सुबह 8.38 बजे से हो जाएगी और इसकी समाप्ति 11.21 PM पर होगी। सुबह 09.59 बजे ग्रहण अपने पूर्ण प्रभाव में रहेगा। वहीं अन्य देशों में ग्रहण की बात करें तो चंद्र ग्रहण का असर एशिया के कुछ इलाकों अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में रहेगा। लोग लगभग पौने तीन घंटे तक ग्रहण के खूबसूरत नजारे के देख पाएंगे। इसके बाद अगला चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा।


ज्योतिषशास्त्री पंडित सुरेश शास्त्री का कहना है कि हर साल में ग्रहण लगता है। इनकी संख्या कम से कम 4 और अधिकतम 6 होती है। साल 2020 में कुल 6 ग्रहण हैं। जिनमें से 3 ग्रहण पहले ही लग चुके हैं। ग्रहण एक खगोलीय घटना है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है। वहीं जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण अमावस्या और चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन लगता है।

ज्योतिष अनुसार इस तरह के ग्रहण को वास्तविक ग्रहण नहीं माना जाता। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में न होकर इस प्रकार से होते हैं कि पृथ्वी की हल्की सी छाया ही चंद्रमा पर पड़ पाती है। जिससे चंद्रमा पूरी तरह से गायब नहीं होता बल्कि उसका किनारे का हिस्सा छाया से ढक जाता है। ज्योतिष अनुसार एक महीने के अंतराल में तीन ग्रहण पड़ना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं 5 जून से 5 जुलाई के बीच में ये तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके प्रभावों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। महंगाई की मार लोगों को झेलनी पड़ सकती है। बड़े देशों के बीच दुश्मनी बढ़ने के आसार हैं।

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