Durga Puja 2020: 75 साल में पहली बार Durga Puja Pandals में 'No-Entry', जानें वजह, देखें वीडियो

राजधानी में नहीं होगी बंगाली संस्कृति साकार

By: SAVITA VYAS

Published: 21 Oct 2020, 02:45 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India


जयपुर। शारदीय नवरात्र के तहत बंगाल की तर्ज पर सजे-धजे पंडाल और बंगाली समाज के लोगों का हुजूम इस बार नदारद रहेगा। राजधानी में पहली बार शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र में कोरोना और धारा-144 के चलते दुर्गा पांडाल नहीं सजेंगे। शहर के सबसे पुराने जयपुर दुर्गाबाड़ी एसोसिएशन बनीपार्क में 75 साल में पहली बार ऐसा मौका होगा जब शहरवासी बंगाली संस्कृति की झलक नहीं देख सकेंगे।

आपको बता दें 17 अक्टूबर से मां दुर्गा के शारदीय नवरात्र शुरू हो चुके हैं। पहली बार शारदीय नवरात्र पर पहले जैसी रौनक नजर नहीं आएगी। जयपुर दुर्गाबाड़ी एसोसिएशन के सचिव आशीष मुखर्जी ने बताया कि इस बार वृहद स्तर पर कोई कार्यक्रम नहीं होगा। कोलकाता के कलाकार अमित पाल ने भी इस बार राजधानी में इको फ्रेंडली मूर्तियां बनाने की पूरी तैयारी की थी, लेकिन कोरोना के चलते सब तैयारियां अधूरी रह गईं। बीते कई साल से दुर्गाबाड़ी में आकर अलग-अलग मूर्तियों को नए-नए वेश में साकार करता हूं। इस बार सभी अनुष्ठान नवरात्र में विद्वानों की मौजूदगी में होंगे। समाजजनों और अन्य लोगों की आवाजाही निषेध रहेगी। फिलहाल इस बार मूर्तियां बाहर नहीं भेजी जाएगी। यहां दुर्गाबाड़ी के लिए मां दुर्गा की 8 फीट बाय 12 फीट की मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही भगवान गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती और कार्तिकेय की प्रतिमा तैयार की गई है। सभी कार्यक्रम ऑनलाइन वर्चुअल सोशल नेटवर्क पर साझा करने की तैयारी है।

बंगाली संस्कृति में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व
आशीष मुखर्जी ने बताया कि बंगाली संस्कृति में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। बंगाली और राजस्थान की संस्कृ ति को एक मंच पर लाने और राजधानी में प्रवासरत बंगाली समाजजनों को पूजन करने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए कई विद्वानों ने जमीन खरीदकर यहां भव्य पांडाल तैयार करने की कोशिश की। हर साल यहां अलग-अलग थीम पर पांडाल तैयार किया जाता है। यहां होने वाले कार्यक्रम में रोजाना आठ से दस हजार लोगों की भीड़ नजर आती है। शहर की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा यहां होती है। सी-स्कीम स्थित जय क्लब में प्रोबासी बंगाली कल्चरल सोसायटी, गोरांग महाप्रभु मठ, मालवीय नगर सेक्टर-10 स्थित कालीबाड़ी पार्क व वैशालीनगर सहित अन्य जगहों पर पूजन सहित अन्य कार्यक्रम होते हैं।

इस बार नहीं होगी माता का जागरण व भक्ति संध्या

कोरोना के चलते माता का जागरण व भक्ति संध्या इस बार नहीं होगी। साथ ही रामलीला मैदान, जवाहर नगर, राजापार्क में कई साल से होने से वाली रामलीला इस बार नहीं होगी। युवा पीढ़ी को संस्कृति के बारे में रूबरू करवाने के उद्देश्य से लखनऊ के कलाकार रामलीला का मंचन शहर में करते थे। इस बार रामलीला मंचन नहीं होगा। गोलेछा चेरिट्रेबल ट्रस्ट के सचिव प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि रामलीला मैदान में रामायण विराजमान कर पूजन की जाएगी। रामलीला नहीं होगी, जिससे की सालों पुरानी परंपरा न टूटे।

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