karwa chauth 2019: यूं ही नहीं देखती सुहागिनें छलनी में चांद, छिपा है राज

Savita Vyas

Updated: 17 Oct 2019, 02:50:06 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। karwa chauth 2019 : बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर आपने करवा चौथ पर अभिनेत्रियों को छलनी में चांद देखने के बाद पति के दर्शन करते देखा होगा। यूं ही इस दृश्य को फिल्माया नहीं जाता है, बल्कि इसके पीछे छिपी है परंपरा, जिसका निर्वाहन हर साल सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। जयपुर संवाददाता सविता व्यास ने राजधानी जयपुर की महिलाओं से जाना आखिर क्यूं छलनी में देखा जाता है चांद। पेश है एक रिपोर्ट—

करवा चौथ के व्रत में जितना महत्वपूर्ण करवा होता है, उतनी ही जरूरी छलनी भी होती है। बिना छलनी के करवा चौथ का व्रत पूर्ण नहीं हो सकता है।

महिलाओं का कहना है कि जिस तरह से रोजाना चांद नजर आता है, उसी तरह सुहाग के दर्शन भी जीवन भर ऐसे ही होते रहे, इसीलिए करवा चौथ पर हर साल छलनी से चांद देखने के बाद पति के दर्शन करते हैं।

हर साल छलनी से चांद को देखने के बाद पति के दर्शन करती हैं। जिस तरह से चांद का तेज दिनों—दिन बढ़ता है, उसी तरह पति की भी उम्र यूं ही बढती रही। इसी मंगल कामना के साथ हर साल इस परंपरा का निर्वाहन किया जाता है।

ज्योतिष रवि शर्मा ने बताया कि करवा चौथ पर 70 साल बाद रोहिणी नक्षत्र और मंगल का विशेष योग बन रहा है। यह संयोग करवा चौथ के पूजन को अधिक मंगलकारी बना रहा है। जयपुर में करवा चौथ का चांद रात को 8.27 पर निकलेगा। करवा चौथ की पूजा के उपरांत व्रती महिलाएं छलनी में से चांद को देखती हैं।

धर्म ग्रंथों में मिलता है वर्णन
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, चंद्रमा को भगवान ब्रह्मा का रूप माना जाता है। यह भी मान्यता है कि चांद की आयु लंबी होती है। साथ ही चांद सुंदरता और प्रेम का प्रतीक होता है। यही वजह है कि करवा चौथ के व्रत के दौरान महिलाएं छलनी से चांद को देखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
रामचरितमानस के लंका काण्ड के अनुसार इस व्रत का एक पक्ष यह भी है कि जो पति-पत्नी किसी कारणवश एक दूसरे से बिछुड़ जाते हैं, चंद्रमा की किरणें उन्हें अधिक कष्ट पहुंचाती हैं। इसलिए करवा चौथ के दिन चंद्रदेव की पूजा कर महिलाएं यह कामना करती हैं कि किसी भी कारण से उन्हें अपने प्रियतम का वियोग न सहना पड़े। महाभारत में भी एक प्रसंग है जिसके अनुसार पांडवों पर आए संकट को दूर करने के लिए भगवान श्री कृष्ण के सुझाव से द्रौपदी ने भी करवाचौथ का पावन व्रत किया था। इसके बाद ही पांडव युद्ध में विजयी रहे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned