दिवाली पर दिल्‍ली जैसा प्रदू‍षित रहा मरुधरा का यह शहर

Dharmendra Singh | Publish: Nov, 10 2018 01:07:09 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 01:07:10 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

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मरुधरा पर प्रदूषण का साया कम होने का नाम नहीं ले रहा

जयपुर
दिवाली पर देश की राजधानी ही नहीं, अन्‍य शहरों में भी भयंकर प्रदूषण रहा। हालांकि हल्‍ला सिर्फ दिल्‍ली का ही है, लेकिन बाकी शहरों के हालात भी चिंताजनक हैं। मरुधरा पर तो प्रदूषण का साया कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दीपावली पर कोटा शहर दिल्ली जैसा प्रदूषित रहा।

कुछ इलाकों में दम घुटने जैसी स्थिति रही

कुछ इलाकों में हालात यह रहे है कि लोगों के दम घुटने जैसी स्थिति रही। इसका सबसे बड़ा कारण आतिशबाजी व वाहनों के कारण उठने वाला धुआं था। श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. केवल कृष्ण डंग की तीन सदस्यीय टीम ने दीपावली के दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रात 8.30 से 11 बजे तक प्रदूषण का माप लिया। जिसमें चौकाने वाले हालात मिले।

सबसे ज्यादा प्रदूषित बजरंग नगर
टीम को सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका बजरंग नगर क्षेत्र का मिला। यहां पुलिस चौकी के सामने 575 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक पाया गया। उससे सटी आदित्य आवास कॉलोनी में 500 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक पाया गया। आदित्य आवास कॉलोनी में हालात यह थे कि घरों के अंदर भी धुआं था। उसके बाद विज्ञान नगर चौराहा 425, जवाहर नगर में सुवि नेत्र चिकित्सालय के सामने 430, बोरखेड़ा व रामपुरा बाजार सकड़े इलाके के चलते वहां 365 से 365 क्यूबिक घनमीटर रहा। प्रदूषण का सबसे कम असर अंटाघर चौराहा रहा। यहां पूरा इलाका पेड़-पौधों से घिरे रहने व रात के समय वाहनों की आवाजाही कम रहने के कारण 102 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक रहा।

यह हो सकती बीमारी
डंग ने बताया कि धुएं के माइक्रोन से छोटे कण फेफड़ों में जाकर दूसरे अंगों पर असर करते है। उन्होंने बताया कि 50 से 100 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक धुएं से सांस, दमा व हृदयघात, 100 से 150 के बीच किडनी, लीवर पर असर करता है। 300 से ज्यादा पर फेंफड़े के कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।

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