VIDEO : राजस्थान में यहां कृष्ण जन्म के साथ मध्यरात्रि होगी 31 हवाई गर्जना, घर-घर छाएगा कन्हैया जन्म का उल्लास

Nakul Devarshi | Publish: Sep, 03 2018 10:36:19 AM (IST) | Updated: Sep, 03 2018 10:37:18 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर।

भाद्रपद अष्टमी पर शहर में कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास छाएगा। आराध्य गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रीकृष्ण का मध्यरात्रि में जन्माभिषेक होगा। दिनभर मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। वैष्णव संप्रदाय के लोग व्रत रखेंगे। घरों में लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया जाएगा। वहीं स्मार्त संप्रदाय के लोगों ने रविवार को जन्माष्टमी का पर्व मनाकर व्रत भी किया।

 

जयपुर शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में तड़के 3.45 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के दर्शन खुले। साथ ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने बताया कि जन्माष्टमी पर मंगला झांकी में गोविंददेवजी के पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई गई। साथ ही विशेष आभूषण धारण करवाए गए। ठाकुरजी का फूलों से शृंगार किया गया है। मध्यरात्रि में 31 हवाई गर्जनाओं के साथ गोविंददेवजी का जन्माभिषेक होगा। ठाकुरजी का 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा, 11 किलो शहद से तैयार पंचामृत अभिषेक किया जाएगा।

 

मिलेगा लड्डू प्रसाद
गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन करने वाने वाले श्रद्धालुआें को दर्शन करने के बाद निकासी गेट पर दूध के लड्डुओं का प्रसाद नि:शुल्क वितरित किया जाएगा। वहीं मध्यरात्रि में अभिषेक के बाद भक्तों को पंचामृत और पंजीरी का वितरण किया जाएगा।

 

यूं रहेगी प्रवेश व निकास की व्यवस्था
गोविददेवजी मंदिर में सुबह मंगला झांकी से दर्शनार्थियों के दर्शन व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जलेब चौक से दर्शनार्थी प्रवेश करेंगे। एक लाइन पासधारकों के लिए तथा दो आम दर्शनार्थियों के लिए होगी। जो लोग जलेब चौक से आएंगे, उनका निकास जयनिवास बाग पूर्वी गेट से होगा तथा जो दर्शनार्थी ब्रह्मपुरी, कंवर नगर की ओर से आएंगे, वे चिंताहरण हनुमानजी मंदिर से होते हुए जय निवास बाग पश्चिम द्वार से प्रस्थान करेंगे।


यूं रहेगा गोविंददेवजी के जन्माष्टमी पर झांकियों का समय
मंगला - सुबह 3.45 से 4.30 बजे तक
धूप - सुबह 7.30 से 9.30 बजे तक
शृंगार - सुबह 9.45 से 11.30 बजे तक
राजभोग - सुबह 11.45 से दोपहर 1.30 बजे तक
ग्वाल - शाम 4 से 6.30 बजे तक
संध्या - शाम 6.45 से रात 8.30 बजे तक
शयन - रात 9.15 बजे से 10.30 बजे तक
कृष्ण जन्माष्टमी कथा - रात 11 बजे
तिथि पूजा/जन्माभिषेक - रात 12 से 1 बजे तक


जन्माष्टमी पर तीन बार होगा महाभिषेक
जगतपुरा अक्षयपात्र स्थित मंदिरश्री कृष्ण-बलरामजी में कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मंदिर में तड़के सवा चार बजे मंगला आरती के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे, जो मध्यरात्रि १२ बजे तक चलेंगे। इस बीच श्रीकृष्ण का दिन में तीन बार महाभिषेक किया जाएगा। भगवान का प्रथम महाभिषेक दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद दूसरा महाभिषेक शाम 6 बजे बजे होगा। वहीं रात 10 बजे तीसरा अभिषेक किया जाएगा। हरे कृष्णा मूवमेंट जयपुर के अध्यक्ष आर. गोविंददास ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण का महाभिषेक पंचामृत, पंचगव्य व फलों के रस जैसे 51 प्रकार के नैसर्गिक पदार्थों से किया जाएगा। पुष्प पल्लवों से भगवान के अर्च विग्रह पर पुष्प वर्षा की जाएगी। मंदिर परिसर में भक्त मंडली की ओर से अखण्ड हरिनाम संकीर्तन किया जाएगा।

 

अभिषेक से पहले होगी श्रीकृष्ण लीला
वैशाली नगर स्थित श्रीस्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में ठाकुरजी का विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के अक्षरप्रेम स्वामी ने बताया कि मंदिर के बाल मंडल एवं युवक मंडल की ओर से श्रीकृष्ण लीला की प्रस्तुति की जाएगी। मंदिर में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक श्री हरिकृष्ण महाराज का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की मुख्य आरती होगी।

 

यहां भी रहेगी उत्सव की धूम
- पुरानी बस्ती स्थित मंदिरश्री राधा-गोपीनाथ में महंत वल्लभ गोस्वामी के सान्निध्य में शाम 6 बजे से भजन संध्या होगी। वहीं मध्यरात्रि 12 बजे जन्माभिषेक होगा।
- मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माभिषेक के बाद प्रभु को नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। मंदिर अध्यक्ष पंचरत्न दास ने बताया कि श्रीगिरधारी-दाऊजी का दो बार अभिषेक किया जाएगा।
- बनीपार्क स्थित राधा-दामोदरजी मंदिर में ठाकुरजी की तीन बार पोशाक बदली जाएगी। मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ झालानी ने बताया कि धूप आरती के समय सुबह 7:30 बजे, शयन आरती शाम 7:30 बजे और जन्म आरती के समय रात 12 बजे रत्न जडि़त पीतांबरी पोशाक धारण कराई जाएगी।
- बड़ी चौपड़ स्थित लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर में महंत पुरुषोत्तम भारती के सान्निध्य में ठाकुरजी का शृंगार कृष्ण स्वरूप में किया जाएगा। लक्ष्मीनारायणजी सिर पर मोर मुकुट धारण करेंगे तथा अधरों पर बांसुरी रखकर भक्तों को दर्शन देंगे।
- नाहरगढ़ की पहाडि़यों पर स्थित श्री चरण मंदिर में दोपहर 12 बजे मंदिर महंत सुरेश पारीक के सान्निध्य में भगवान श्री कृष्ण के चरण चिन्ह का वैदिक मंत्रोच्चार से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद नूतन पोशाक धारण करवाकर ठाकुरजी के 21 हजार लड्डू का भोग लगाकर झांकी सजाई जाएगी।

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